दुराचार के दोषी को सात साल का कठोर कारावास

चंबा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चंबा मुकेश बंसल की अदालत ने दुराचार का दोष साबित होने पर रविंद्र सिंह पुत्र अमर सिंह को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी को 55 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की रकम में से 40 हजार रुपये पीड़ित लड़की को देने के निर्देश दिए गए हैं। अतिरिक्त जिला न्यायवादी एसएस पठानिया ने बताया कि एक जुलाई 2012 की शाम पीड़ित लड़की घागर गांव में जर्म सिंह के यहां आयोजित नवाला में भाग लेने गई थी। इस दौरानरात पौने एक बजे के करीब वह अपने चचेरे भाई मुनीश, राकेश और त्रिलोक के साथ अपने घर वापस चली आई। उसकी आंटी कांता अगली सुबह तक नवाला में भाग लेने के लिए वहीं रुकी रही। जब लड़की और उसके भाई गांव से करीब आधा किलोमीटर दूरी पर ही पहुंचे थे कि रास्ते में आरोपी रविंद्र सिंह ने उन्हें अपनी दुकान पर रोक लिया। रविंद्र ने युवती के भाइयों से सुनील नामक युवक के बारे में पूछा और तीनों युवकों से कहा कि वे जर्म सिंह के घर जाकर सुनील को ले आएं। इस पर तीनों जर्म सिंह के घर सुनील को लाने चले गए और युवती को रविंद्र सिंह की दुकान पर रुकने को कहा। इस बीच रविंद्र ने युवती को यहां से कहीं चलने को कहा, मगर युवती ने अपने भाइयों के आने तक कहीं जाने से इनकार कर दिया। इस पर रविंद्र उसे जबरन जंगल की ओर ले गया। वहां उसने युवती का मुंह बंद कर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने युवती को यह बात किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। युवती इस घटना के बाद बहुत डरी हुई थी और उसने यह बात किसी को नहीं बताई। तीन जुलाई को जब लड़की के पिता ने उसके चेहरे पर घबराहट और घर के काम में रुचि न लेते हुए देखा तो उन्हें शक हुआ। पिता के चांटा मारने पर लड़की ने सारी बात उगली। इस पर उसके पिता ने आरोपी के खिलाफ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने आईपीसी की धारा 376 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन की और मामला अदालत में पहुंचा। अदालत में सरकारी पक्ष की ओर से मामले की पैरवी डीडीए एसएस पठानिया ने की। अदालत ने गवाहों, साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर आरोपी रविंद्र सिंह को आईपीसी की धारा 376 के तहत दोषी करार देते हुए सात साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर उसे एक साल के कठोर कारावास की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। साथ ही आईपीसी की धारा 506 के तहत दोषी करार देते हुए तीन साल का कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर उसे एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कोर्ट ने जुर्माना राशि में से 40 हजार रुपये पीड़ित लड़की को हर्जाने के तौर पर देने के आदेश दिए हैं।

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