दुग्ध संघों के प्रशासक हटाने का आदेश वापस

अल्मोड़ा। शासन ने चार दिन पहले जारी आदेश को स्थगित करते हुए दुग्ध संघों से हटाए गए प्रशासकों को दोबारा पदों पर बहाल कर दिया है। शासन का नया आदेश बृहस्पतिवार को निदेशालय पहुंच गया है। निदेशालय स्तर से भी नया आदेश दुग्ध संघों को भेजा जा रहा है।
मालूम हो कि प्रदेश में दुग्ध संघों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद समय पर चुनाव नहीं हो पाने के कारण प्रदेश सरकार ने दुग्ध संघों और राज्य कोआपरेटिव फेडरेशन में प्रशासक बैठाए थे। इस बीच शासन द्वारा एक सितंबर को जारी आदेश के बाद 97वां संविधान संशोधन लागू कर दिया गया था। इसके मुताबिक राज्य के सभी दुग्ध संघों के प्रशासकों के स्थान पर प्रधान प्रबंधकों को कार्यपालक का प्रभार दे दिया गया था। साथ ही राज्य उत्तराखंड कोआपरेटिव डेरी फेडरेशन के प्रशासक अर्जुन सिंह रौतेला के स्थान पर दुग्ध विभाग के प्रबंध निदेशक को मुख्य कार्यपालक बना दिया गया था। सभी दुग्ध संघों में यह व्यवस्था लागू भी हो गई थी।
बताया जाता है कि शासन के इस आदेश से दुग्ध संघों से जुड़े तमाम जनप्रतिनिधियों में नाराजगी थी। जानकारी के मुताबिक इस मुद्दे को लेकर तमाम जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा से भी मिले थे। आखिरकार सरकार ने चार दिन पूर्व जारी शासनादेश को स्थगित करने का निर्णय ले लिया। दुग्ध विकास विभाग के उपनिदेशक संजय उपाध्याय ने बताया कि शासन का नया आदेश गुरुवार को निदेशालय में प्राप्त हो गया है और शासन के आदेश के क्रम में निदेशालय से भी नए आदेश जारी किए जा रहे हैं। इसके मुताबिक राज्य उत्तराखंड कोआपरेटिव डेरी फेडरेशन के प्रशासक अर्जुन सिंह रौतेला के साथ ही राज्य के सभी दुग्ध संघों से हटाए गए सभी प्रशासक फिर से अपने पदों पर विद्यमान हो गए हैं।

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