
शिमला। नगर निगम की दुकानों को सबलेट करने वाले कारोबारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर ली गई है। शुक्रवार को हुई निगम की मासिक बैठक में सबलेट दुकान में वर्तमान कारोबारी को दुकान देने का प्रस्ताव पारित किया गया। वर्तमान कारोबारी से प्रोसेसिंग फीस वसूल कर निगम दुकान उसी के नाम कर देगा।
प्रोसेसिंग फीस की दरें क्षेत्रवार तय भी कर दी गई हैं। माल रोड और रिज स्थित दुकानों के लिए निगम प्रति वर्ग फीट छह हजार की प्रोसेसिंग फीस वसूलेगा। मासिक लीज किराया राशि प्रति वर्ग फीट 150 रुपये तय किया गया है। लक्कड़ बाजार, लोअर बाजार, राम बाजार, सब्जी मंडी, अनाज मंडी, रिवोली और पुराना बस अड्डा स्थित दुकानों से प्रोसेसिंग फीस तीन हजार रुपये प्रति वर्ग फीट तथा मासिक किराया 55 रुपये प्रति वर्ग फीट तय किया। इसके अलावा शहर के अन्य स्थानों पर बनाई गई निगम की सबलेट दुकानों से प्रोसेसिंग फीस 2500 रुपये प्रति वर्ग फीट तथा 50 रुपये मासिक किराया प्रति वर्ग फीट लिया जाएगा।
नगर निगम ने शहर में करीब एक हजार दुकानों को बोली के माध्यम से किराये पर दिया हुआ है। लोअर बाजार, सब्जी मंडी, लक्कड़ बाजार, पद्मदेव कांप्लेक्स, मिडल बाजार कांप्लेक्स, बालूगंज, ओल्ड मोटर बैरियर, ढली और नाभा में यह दुकानें स्थित हैं। करीब 100 दुकानों को बोली लगाने वाले कारोबारियों ने सबलेट किया हुआ है। सबलेट की गई दुकानों की स्थिति को जांचने के लिए निगम ने बीते दिनों एक कमेटी का गठन किया था। कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक जिस दुकानदार को निगम ने दुकान दी है, उस कारोबारी ने किसी और को दुकान सबलेट कर दी है। निगम ने किराया पुराने रेट पर तय किया हुआ है जबकि दुकान का मालिक उसे नई दरों पर किराए पर चढ़ा कर चांदी कूट रहे हैं। इसके चलते कमेटी ने सिफारिश की है कि वर्तमान कारोबारी के नाम दुकान कर दी जाए। कमेटी के इस प्रस्ताव को शुक्रवार को पारित किया गया। आगामी डेढ़ माह के भीतर प्रोसेसिंग फीस वसूलने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
