
प्रदेश में पिछले पांच सालो में पहली बार प्रदूषण का स्तर इस लेवल तक पहुंचा । जिससे न सिर्फ मानव जीवन प्रभावित हो रहा है । बल्कि प्रकृति से जुडी हर चीज़ प्रभावित हो रही है ।
31 अक्तूबर को दिवाली की रात पटाखों और आतिशबाजी से धर्मशाला, नालागढ़, बरोटीवाला, सुंदरनगर, पांवटा साहिब, परवाणू, ऊना और बद्दी का एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 100 से ऊपर रहा। इसे स्वास्थ्य के लिहाज से असंतोषजनक माना जाता है। शिमला का एक्यूआई 66 रहा जो बीते साल के मुकाबले कम है। लेकिन 50 से अधिक होने के कारण बेहतर की श्रेणी में नहीं है।
बद्दी का एक्यूआई 392 दर्ज हुआ
