

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पूर्व अध्यक्ष व वर्तमान केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह दिल्ली में सरकार बनाने के पक्ष में दिखे। राजनाथ सिंह के अनुसार दिल्ली पर दोबारा चुनाव का बोझ डालना ठीक नहीं होगा।
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी उसी मत का समर्थन किया। लेकिन आप और कांग्रेस से तोड़ किए बगैर सरकार कैसे बनेगी, उन्होंने इसके बारे में कुछ नहीं कहा। जबकि दोनों पार्टियां अपने विधायकों की परेड करा चुकी हैं और भाजपा को समर्थन देने को तैयार नहीं हैं।
जेटली-सुषमा ने किया विरोध

इन दोनों के मुताबिक दिल्ली में सरकार बनाने के लिए भाजपा कोई और तरीका अपनाने से बेहतर होगा कि वह चुनाव के लिए। इन दोनों के मुताबिक दिल्ली में अगर चुनाव होते हैं, तो भाजपा को पूर्ण बहुमत मिलेगा।
दिल्ली के कुछ नेताओं ने भी इसी मत में बात रखी। बताते चलें कि एलजी ने हाल ने कल ही भाजपा से सरकार बनाने को लेकर चर्चा करने की बात कही थी।
पीएम मोदी भी नहीं सुला पाए गुत्थी

सरकार बनाने को लेकर दो खेमों बंटे भाजपा नेताओं की राय सुनने के बाद पीएम मोदी ने फैसला सुरक्षित रखा और अभी कोई फैसला नहीं लिया।
इस मौक पर सभी भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की जरूरत महूसस हो रही थी। पीएम मोदी ने कहा कि अब अमित शाह से राय लेने के बाद ही कोई फैसला होगा।
