
शिमला। प्रदेश की जेलों में किस तरह के सुधार हुए हैं, इस पर दिल्ली में होने वाली एशियाई देशों की 33वीं कांफ्रेंस में प्रस्तुति दी जाएगी। 22 से 27 सितंबर तक होने वाली एशियन एंड पेसिफिक कांफ्रेंस ऑफ कोरेक्शनल एडमिनिस्ट्रेटर्स (एपीसीसीए) 2013 में एडीजीपी जेल एसआर मरडी अपनी प्रस्तुति देंगे। 23 देशों के इस संगठन की 33वीं कांफ्रेंस की मेजबानी का मौका इस बार भारत को मिला है। इससे पहले यह कांफ्रेंस ब्रूनी, जापान, कनाडा, आस्ट्रेलिया, मलेशिया, वियतनाम, न्यूजीलैंड, कोरिया, सिंगापुर, हांगकांग, इंडोनेशिया, थाईलैंड और चीन में हो चुका है। कांफ्रेंस का यह दौर 1980 में हांगकांग से शुरू हुआ था। हर साल होने वाले इस आयोजन में विभिन्न मुद्दे रखे जाते हैं। इस बार जेल सुधारों पर विभिन्न देशों से प्रस्तुतियां दी जाएंगी। देश भर की जेलों में हुए सुधारों पर विभिन्न प्रदेशों के जेल प्रमुख अपनी प्रस्तुति रखेंगे।
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जेल में हुए प्रमुख सुधार
– सभी 18 जेलों में ओपन एयर बैरक
– देश-विदेश में रहने वाले अपनों से वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा
– कैदियों के लिए जेलों में पढ़ाई की सुविधा
– सजा भुगतने के दौरान जेल से बाहर काम करने की अनुमति
– तनाव को कम करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन
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कांफ्रेंस में अन्य देशों की प्रेजेंटेशन में प्रस्तुत किए जाने वाले सुधारों को संभव हुआ तो प्रदेश में शुरू किया जा सकता है। हिमाचल में जेल सुधारों को क्षेत्र में कई उपलब्धियां हैं। इनमें हाल ही में कैदियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा देना प्रमुख है।
एसआर मरडी, एडीजीपी जेल।
