
नई दिल्ली
दिल्ली पुलिस की 100 नंबर की पीसीआर कॉल अब घटनास्थल के पास ही बजेगी। कॉल होते ही दिल्ली पुलिस कर्मी कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर पहुंच जाएगी। यानि बीट अफसर के पास भी 100 नंबर की कॉल आएगी। ये सब ई-ब्लॉक बुक सिस्टम से के जरिए शुरू होने जा रहा है। इस सिस्टम से अब सड़कों पर ही पता लग जाएगा कि पुलिसकर्मी जिस वाहन को चैक कर रहे हैं वह चोरी का है या नहीं। दिल्ली पुलिस के इतिहास में ये अब तक का सबसे बड़ा कदम बताया जा रहा है। इसे जनता के लिए बहुत ही राहत देने वाला कदम बताया जा रहा है।
दिल्ली पुलिस में 15 जिले हैं। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव के आदेश पर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इस सिस्टम को लागू किया गया है। पूरे दक्षिण-पश्चिमी जिले में ई-बीट बुक सिस्टम लागू कर दिया गया है, जबकि बाकी 14 जिलों के एक-एक थाने में इस सिस्टम को लागू किया गया है।
इस सिस्टम के तहत बीट अफसर, डिवीजन अफसर और थानाध्यक्ष को एक-एक मोबाइल दिया गया है। इन मोबाइल से जहां फोन कर सकेंगे वहीं इनमें एक विशेष प्रकार का सॉफ्टवेयर लोड किया हुआ है। ई-बीट बुक की खासियत ये है कि जैसे ही किसी घटना की 100 नंबर पर कॉल होती है तो वह अब कंट्रोल, पीसीआर व थाने के सीसीटीएनएस के अलावा अब घटनास्थल के बीट अफसर व डिवीजन अफसर को भी जाएगी। कॉल आते ही बीट अफसर का मोबाइल ब्लिंक करने लगेगा। कॉल सुनते ही घटनास्थल के पास मौजूद बीट अफसर तुरंत मौके पर पहुंच जाएगा। साथ ही ये सिस्टम लोकेशन भी बताएगा।
बीट अफसरों को मोबाइल में अपनी बीट की पूरी जानकारी फीड करनी होगी कि उसकी बीट में वीआईपी इमारत, बैंक, चर्च, स्कूल आदि महत्वपूर्ण चीजें कितनी हैं। इसके लिए बीट अफसरों को इन जगहों पर जाकर ही जानकारी भरनी होगी। इस सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा ये है कि चेकिंग के दौरान ये पता लग जाएगा कि वाहन चोरी का है या नहीं। ई-बीट बुक में सभी वाहनों की डिटेल होगी। पिकेट चेकिंग के दौरान संदेह होने पर पुलिसकर्मी ई-बीट बुक में चेक करने वाले वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर डालेगा तो वाहन का तुरंत पता लग जाएगा कि वाहन चोरी का है या नहीं। सिस्टम में वाहनों का पूरा डाटा होगा।
थानाध्यक्षों के पास हो जाएंगे अब दो फोन नंबर
दिल्ली पुलिस के थानाध्यक्षों के पास अब दो सरकारी मोबाइल हो जाएंगे। एक सरकारी मोबाइल पहल से है जबकि दूसरा अब ई-बीट बुक सिस्टम के तहत मिल जाएगा। पूर्व पुलिस आयुक्त वाईएस डडवाल के कार्यकाल में थानाध्यक्षों को मोबाइल दिया गया था।
इन थानों में सिस्टम को लागू किया गया है
ई-बीट बुक सिस्टम को पूरे दक्षिण-पश्चिमी जिले में लागू कर दिया गया है, जबकि 14 अन्य जिलों के एक-एक थाने में इस सिस्टम को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया गया है। नार्थ-वेस्ट जिले के मौर्या एंक्लेव, रोहिणी जिले के बेगमपुर, बाहरी-उत्तरी जिले के नरेला औद्योगिक क्षेत्र, दक्षिण जिले के अंबेडकर नगर, दक्षिण-पूर्व में कालकाजी, पश्चिमी जिले में विकासपुरी, द्वारका जिले में द्वारका(नार्थ), बाहरी जिले में मुंडका, मध्य जिले में करोलबाग,उत्तरी जिले में सिविल लाईंस व मौरिस नगर, पूर्वी दिल्ली जिले में पांडव नगर, उत्तर-पूर्वी जिले में सीलमपुर, शाहदरा जिले में शाहदरा, नई दिल्ली में संसद मार्ग थाने में लागू किया गया है।
