
सार
- दिल्ली के चुनाव में हैट्रिक मार सकती है आप, 47 से 68 सीटों का अनुमान
- प्रदेश में कुल 61.5 फीसदी हुआ मतदान (2015 में रिकॉर्ड 67 फीसदी वोटिंग)
- विधानसभा की 70 सीटों के 11 फरवरी को आएंगे नतीजे, 36 है बहुमत का आंकड़ा
- मतदान के बाद केजरीवाल ने सीनियर नेताओं संग की बैठक
- पुलिस को मिलीं 223 सूचनाएं, 73 बूथ के पास चुनाव प्रचार करने की
- हरिनगर में वोट डालने आए बुजुर्ग की दिल के दौरे से मौत
विस्तार
वहीं, लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सभी सात सीटें जीतने वाली भाजपा को 2015 के मुकाबले फायदा दिख रहा है लेकिन वह बहुमत के आंकड़े से बहुत दूर रहेगी। नौ महीने पहले आम चुनाव में मत प्रतिशत के मामले में राज्य की दूसरी बड़ी पार्टी रही कांग्रेस के अच्छे दिन अभी भी नहीं लौटे। एग्जिट पोल में भी पार्टी को अधिकतम चार सीटें मिलती ही दिख रही हैं। ज्यादातर एग्जिट पोल आप की दो-तिहाई बहुमत के साथ वापसी तय बता रहे हैं।
वहीं, कुछ ने तीन-चौथाई बहुमत का अनुमान जताया है। नागरिकता कानून (सीएए) और एनआरसी के खिलाफ विरोध-प्रदर्शनों के बीच हुए चुनाव में मुख्य लड़ाई आप और भाजपा के बीच ही रही। आप ने पांच साल के काम पर वोट मांगा, वहीं, भाजपा ने राष्ट्रवाद, शाहीन बाग को मुद्दा बनाया। 2015 के चुनाव में आप को 70 में से 67 और भाजपा को 3 सीटें मिली थीं। एजेंसी
आठ बजे के बाद तक लगी रहीं कतारें
- छिटपुट घटनाओं के बीच 672 उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया। कई मतदान केंद्रों पर रात आठ बजे तक रही कतारें
- देर शाम केजरीवाल ने ईवीएम की निगरानी के लिए मनीष सिसोदिया, गोपाल राय, संजय सिंह और प्रशांत किशोर के साथ बैठक की
- दिल्ली के भाजपा सांसदों के साथ भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी कार्यालय में की बैठक। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर भी थे
- इस बार तीन अल्पसंख्यक बहुल सीटों पर मतदान का उत्साह अधिक दिखा।
- मुस्तफाबाद में 70.55 फीसदी, मटियामहल में 70.33 फीसदी और सीलमपुर में 71.04 फीसदी मतदान हुआ।
- दूसरी ओर, सबसे कम मतदान दिल्ली कैंट में 45.28 फीसदी हुआ।
भाजपा: फेल होंगे एग्जिट पोल
एग्जिट पोल फेल होंगे। भाजपा 48 सीटों के साथ सरकार बनाएगी। – मनोज तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष भाजपाआप: काम पर मिला वोट
परिणाम और अच्छे आएंगे। जनता ने काम पर वोट दिया। भाजपा ने नफरत फैलाई। – संजय सिंह, सांसद, आप111 साल की कालीतारा ने भी किया मतदान
सबसे उम्रदराज कालीतारा (111) मंडल ने चितरंजन पार्क स्थित बूथ पर वोट डाला। दिल्ली में 100 वर्ष से अधिक उम्र के 147 मतदाता हैं।छिटपुट हिंसा के बीच शांतिपूर्ण मतदान
राजधानी में कड़े सुरक्षा इंतजाम के बीच शनिवार को मतदान संपन्न हो गया। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने राहत की सांस ली है। एकाध जगह हल्की-फुल्की झड़प को छोड़कर मतदान शांतिपूर्वक निपट गया। चुनाव के नोडल अधिकारी पुलिस उपायुक्त शरत कुमार सिन्हा ने बताया कि मतदान के दौरान पुलिस को कुल 223 कॉल मिली। इनमें 73 मतदान केंद्र के 200 मीटर के दायरे में चुनाव प्रचार की थीं। हरिनगर में वोट डालने आए एक बुजुर्ग की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।शरत कुमार सिन्हा ने बताया कि शुक्रवार रात से ही पड़ोसी राज्यों से सटे राजधानी के सभी बॉर्डर सील कर दिए गए थे। सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस के 42 हजार कर्मी, अर्धसैनिक बलों की 190 कंपनियां और होमगार्ड के 19 हजार जवान तैनात थे। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों की छतों पर भी सुरक्षा बलों को तैनात किया गया था। सुबह से शाम 6 बजे तक पुलिस नियंत्रण कक्ष को कुल 223 कॉल्स मिलीं। इनमें 73 चुनाव प्रचार की, 18 झगड़े की, 12 वोट न डालने देने की शामिल थीं। ब्यूरो
आप की नजर स्ट्रांग रूम पर, छेड़छाड़ की आशंका जताई
आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मतदान खत्म होने के बाद अपने आवास पर वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई। बैठक में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, सांसद संजय सिंह, दिल्ली प्रदेश संयोजक गोपाल राय व प्रशांत किशोर मौजूद थे। बैठक में ईवीएम व स्ट्रांग रूम की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पार्टी की ओर से किए गए इंतजामों की समीक्षा की गई।बैठक के बाद संजय सिंह ने बताया कि स्ट्रांग रूम के नजदीक कार्यकर्ताओं की तैनाती की गई है। किसी भी तरह की आशंका होने पर वह इसकी तत्काल सूचना पार्टी के कंट्रोल रूम को देंगे। यहां से आगे जरूरी कार्रवाई की गई है। संजय सिंह ने कुछ जगहों पर ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की आशंका जाहिर की। संजय सिंह के मुताबिक, 24 ईवीएम को सील करने के बाद सीधे स्ट्रांग रूम में ले जाना चाहिए। बावरपुर और विश्वास नगर से इस तरह की शिकायतें मिल रही हैं।
