
रामपुर बुशहर (संदीप वर्मा)बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें। टूटी सड़कें और जगह-जगह लगा गंदगी का अंबार। यह हाल है शहर के वार्ड नंबर तीन का। समस्याओं से दुखी स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन हो या रात का वक्त हर समय परेशानियां साथ रहती हैं। दिनभर टूटी सड़कों और सीवरेज की गंदगी से जूझते हैं। रात को परेशानी और बढ़ जाती है, टूटी सड़कें और पर अंधेरा सफर और कठिन बना देता है। वैसे देखा जाए तो शहर का वार्ड नंबर तीन राजनैतिक द्वेष का शिकार हो रहा है। पार्षद का कहना है कि बैठक में वार्ड की समस्याओं को उठाते हैं। लेकिन उसके बाद भी वार्ड नंबर तीन की कोई सुनने वाला नहीं है।
वार्ड की हालत ऐसी है कि जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। कहीं रास्तों की हालत खस्ता है तो कहीं शौचालय की समस्या से लोगों को दो चार होना पड़ रहा है। यहां स्ट्रीट लाइटें तो लगी हैं, लेकिन जलती नहीं। सीवरेज और कूड़े के ढेर से सतलुज में प्रदूषण फैला रहे हैं। शहर के इंदिरा मार्केट में गंदगी का आलम इस तरह छाया हुआ है कि जहां जाओ वहां कूड़ा ही बिखरा है। साथ लगती सब्जी मंडी से भी सारी गंदगी सतलुज नदीं में डाली जा रही है। यहां से गुजरने वाले रास्ते पर भी सीवरेज की नालियां टूटने के चलते सारा सीवरेज रास्ते में ही फैला पड़ा है। रास्ते की स्थिति भी इतनी नाजुक बनी है कि कभी भी कोई हादसा पेश आ सकता है। स्ट्रीट लाइटें रात के समय पूरी तरह से गुल रहती हैं। रात के समय इस रास्ते से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। वार्ड में बने शिशु पार्क की हालत भी दयनीय है। सड़क पर कूड़ेदान के बाहर ही बिखरा पड़ा है, जिसके चलते पशुओं का जमावड़ा भी यहां लगा रहता है। मंदिर की बात करें तो यहां से गुजरने वाली सीवरेज की नालियां भी टूटी हुई हैं। सारा सीवरेज सतलुज नदी को प्रदूषित कर रहा है। नालियों पर भी जाली का प्रबंध नहीं किया गया है।
बोले लोग
वार्ड नंबर तीन के निवासी रचित शर्मा, आयुष शर्मा, रोहन शर्मा, सुनील, सुषमा शर्मा, रोहित घाघटा, केहर सिंह, राहुल रोहित कुमार, पुष्पा देवी, देवेंद्र कुमार और अशोक कुमार का कहना है कि नगर परिषद मात्र टैक्स लेने तक ही सीमित रह चुकी है। जबकि लोगों को दी जाने वाली मूलभूत सुविधाएं मात्र दिखावा बन कर रह गई हैं।
बोले पार्षद
वार्ड नंबर तीन के पार्षद विनय शर्मा कहते है कि उन्होंने वार्ड की समस्याओं को नगर परिषद की हर बैठक में उठाया है। लेकिन नगर परिषद राजनैतिक द्वेष के कारण उनकी किसी बात को सुनने को तैयार नहीं है। इसके चलते वार्ड में उक्त परेशानियां पेश आ रही हैं।
