
शिमला। राजधानी के मैहली, छोटा शिमला और संजौली से चोरी जेवरात पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। ये जेवर नाबालिग गैंग की निशानदेही पर बरामद किए गए हैं। जेवरों को आटा-चावल और दाल के डिब्बों में छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने कुल 15 लाख रुपये का सामान बरामद किया है।
मैहली, छोटा शिमला और संजौली में छह घरों का ताला तोड़कर इस गैंग ने कीमती जेवरात और नकदी साफ की थी। पुलिस की गिरफ्त में आए चार आरोपियों की निशानदेही पर ये सामान मिला है। इसमें से ज्यादातर सामान डाउनडेल में छिपाकर रखा गया था। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया है कि इससे पहले वे सीवरेज के ढक्कन और अन्य लोहे का सामान चुराने का काम करते थे। इसे वे किसी कबाड़ की दुकान में बेच देते थे। इस दौरान जब वे इस तरह के सामान की तलाश करने के लिए रिहायशी इलाकों में जाते, तो कुछ जगहों पर मकान में ताले लटके होते। आसपास कोई मौजूद नहीं रहता था। किसी भी घर में सेंधमारी करने से पहले रैकी की जाती थी। गिरोह का एक सदस्य बाहर खड़ा रहता था और बाकी घर के भीतर दाखिल हो जाते थे। उनका टारगेट केवल घर में रखी अलमारियां रहती थीं। उसका ताला तोड़कर सैफ में जो मिलता, उसे समेट लेते और फरार हो जाते। उसके बाद कुछ दिन तक मामला शांत होने के बाद चोरी का सामान आपस में बांट लेते। जेवरात ज्वेलरों को बेच देते थे और पैसों से ऐशो आराम करते थे। इस गैंग के हाथ में आने के बाद शहर में सेंधमारी की वारदातों पर काफी हद तक अंकुश लग पाया है। उधर, इस बारे में डीएसपी सिटी पंकज शर्मा ने कहा कि नाबालिग गैंग से करीब पंद्रह लाख कीमत के सामान की रिकवरी कर ली गई है।
