दानीबगड़ में सात मकानों को खतरा

मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। भाकपा माले के जांच दल ने मदकोट के दानीबगड़ की तबाही के लिए हिमालयन हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के डैम से एक साथ निकले पानी को जिम्मेदार ठहराया है।
भाकपा माले के जिला सचिव जगत मर्तोलिया, जिला कमेटी के सदस्य सुरेंद्र बृजवाल ने दानीबगड़ में जलप्रलय के पीछे पावर प्रोजेक्ट के डैम का बड़ा हाथ बताते हुए कहा है कि 10 परिवारों की 200 नाली जमीन बह गई है। घट्टाबगड़ के बहादुर राम और रोशनी देवी का घर खतरे की जद में आ गया है। कहा कि दानीबगड़ को सुरक्षित रखने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। खिनवा गांव में 14 परिवारो की 300 नाली, उमरगड़ा में 14 परिवारों की 350 नाली, देबीबगड़ में 11 परिवारो की 150 नाली जमीन बह गई है।
देबीबगड़ में चार मकान बह गए हैं। सात मकान कभी भी ध्वस्त हो सकते हैं। प्रभावित परिवारों को देबीबगड़ के पर्यटक आवास गृह में ठहराया गया है, वहां बिजली नहीं है। प्रकाश व्यवस्था के लिए इन लोगों ने उरेडा से तीन सौ रुपये में लालटेन खरीदनी पड़ी है। जांच दल ने मदकोट को बचाने के लिए बीआरओ को तत्काल दस करोड़ रुपये देने पर जोर देते हुए कहा कि नदी के कटाव को नहीं रोका गया तो बचाखुचा मदकोट भी तबाह हो जाएगा।

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