दस साल से भटक रहे वरुणावत प्रभावित

उत्तरकाशी। आपदा प्रभावितों के प्रति सरकारी तंत्र कितना संवेदनहीन है, इसका अंदाजा 2003 से हक के लिए भटक रहे वरुणावत प्रभावितों को देखकर लगाया जा सकता है। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद भूस्खलन प्रभावित सात व्यापारियों को अभी तक नगर पालिका दुकान उपलब्ध नहीं करा पायी है। इस बीच पालिका के दो बड़े शॉपिंग कांप्लेक्स बन चुके हैं। अब इन व्यापारियों ने दुकान आवंटित न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
सितंबर 2003 में वरुणावत भूस्खलन ने उत्तरकाशी नगर में भारी तबाही मचायी थी। होटलों के साथ ही नगर पालिका शॉपिंग कांप्लेक्स भी भूस्खलन से जमींदोज हो गया था। इस कांप्लेक्स में दुकानें चला रहे 18 व्यापारियों की आजीविका भी छिन गयी। शासन-प्रशासन द्वारा सुध न लिए जाने पर इनमें से सात व्यापारी हाईकोर्ट की शरण में गए। हाईकोर्ट ने वर्ष 2008 में इन व्यापारियों को प्राथमिकता के आधार पर दुकानें आवंटित कराने के आदेश जिला प्रशासन को दिए। डीएम ने भी इस संबंध में नगर पालिका को निर्देशित किया। इसके बावजूद अभी तक इन व्यापारियों को दुकानें आवंटित नहीं की गयी हैं। वरुणावत प्रभावित व्यवसायी शिव सिंह रावत, सुरेंद्र चौहान, पीतांबर पंवार, हरि सिंह राणा, यशवंत पंवार, रमेश कुमार और धनेश कुमार ने कहा कि तब से नगर पालिका के दो शॉपिंग कांप्लेक्स बन चुके हैं। इनमें दुकानों के आवंटन के नाम पर बड़ी धांधली हो रही है, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद उन्हें दुकानें नहीं दी जा रही हैं। उन्होंने पुन: डीएम को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है
वरुणावत पैकेज से शॉपिंग कांप्लेक्स के लिए मिला बजट जमीन उपलब्ध न होने के कारण वापस हो गया है। इस बजट को वापस लाने के साथ ही प्रभावित व्यापारियों को नगर पालिका के अन्य शॉपिंग कांप्लेक्स में दुकानें दिलायी जाएंगी।–जयेंद्री राणा, अध्यक्ष नगर पालिका उत्तरकाशी।

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