दलाल ‘गटक’ रहे हैं एससी, एसटी छात्रों की छात्रवृत्ति

उत्तराखंड में एससी,एसटी छात्रवृत्ति में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खेल चल रहा है। समाज कल्याण विभाग, व्यावसायिक शिक्षण-संस्थान और दलालों के नेटवर्क के जरिए वजीफे के नाम पर लाखों का वारा-न्यारा किया जा रहा है।

फर्जीवाड़े की शिकायतों के आधार पर गठित समिति की छानबीन में मिले संकेतों के बाद शासन ने अब प्रदेशभर में ऐसे शिक्षण संस्थानों की गोपनीय जांच के आदेश दिए हैं।

दलालों के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा
तकनीकी और व्यावसायिक कोर्स चला रहे कुछ शिक्षण संस्थान एससी, एसटी की छात्रवृत्ति हड़प रहे हैं। समाज कल्याण विभाग के अधिकारी सुनियोजित तरीके से कॉलेज प्रबंधन और दलालों के साथ मिलकर इस मामले को अंजाम दे रहे हैं।

हरिद्वार और दूसरे स्थानों से मिली शिकायतों के आधार पर गठित समिति को पृथम दृष्टया इस बावत बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के संकेत मिले हैं। इस पर शासन ने प्रदेश के अन्य शिक्षण संस्थानों की भी गोपनीय जांच बैठा दी है।

फर्जी एडमिशन दिखाकर भरते हैं फार्म
जांच समिति से जुड़े सूत्रों ने बताया कि दलाल चकराता, जौनसार आदि क्षेत्रों के एससी, एसटी छात्रों� के प्रमाणपत्र ले आते हैं। इस दौरान शिक्षण संस्थान फर्जी एडमिशन दिखाकर छात्रवृत्ति का फार्म भर देते हैं और सहायक समाज कल्याण अधिकारी से इसका सत्यापन भी करा लिया जाता है।

इसके बाद समाज कल्याण अधिकारी कॉलेज के नाम से चेक जारी कर देते हैं। समिति के एक सदस्य ने बताया कि नियमानुसार पैसा छात्र के खाते में जाना चाहिए। इस बीच जिस छात्र के प्रमाणपत्र लगे होते हैं उसे पांच-दस हजार रुपए दे दिए जाते हैं।

फर्जीवाड़ा कर मोटी कमाई
समिति के सूत्र ने बताया कि देहरादून समेत ज्यादातर व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में छात्र संख्या काफी कम होती है। ऐसे में ये संस्थान छात्रवृत्ति का फर्जीवाड़ा कर मोटी कमाई कर रहे हैं। इतना ही नहीं कुछ शिक्षण संस्थाएं तो धरातल पर हैं ही नहीं। इस संबंध में प्रमुख सचिव समाज कल्याण एस राजू का कहना है कि जैसे-जैसे शिकायतें आएंगी जांच करवाते रहेंगे। इस तरह की गड़बड़ियों को रोकने के लिए सिस्टम ऑनलाइन किया जा रहा है।

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