दर्द बयां किया तो हो उठे भावुक

बिलासपुर। हिलोपा कार्यकर्ताओं की बैठक में शरीक होने आए खुशी राम बालनाहटा शायद अभी भी अपने परिवार (भाजपा) को छोड़ने का दर्द नहीं भुला पाए हैं। प्रेस वार्ता में उन्होंने अपना दर्द बयां किया तो भावुक हो उठे। अपना दर्द बयां करते-करते वह धूमल पर भी बरस पडे़। पूरी प्रेस वार्ता एक तरह से धूमल पर ही केंद्रित रही। उन्होंने धूमल को वन मेन आर्मी की संज्ञा देते हुए भाजपा पर खूब गुबार निकाला। आज भाजपा में उन्हीं की तूती बोलती है। संगठन में वन मैन आर्मी का वर्चस्व है।
बालनाहटा बोले कि एक जमाना था जब धूमल जी बच्चों को पढ़ाया करते थे और हम पार्टी के पोस्टर लगाते थे। अब भाजपा की धारणा बिल्कुल बदल गई है। मजबूरी में उन्हें भारतीय जनता पार्टी से किनारा करना पड़ा। बालनाहटा को उम्मीद है कि 2017 के चुनाव मे हिलोपा अपनी सरकार बनाएगी। इसके लिए जमीनी स्तर पर काम छेड़ा गया है। लोकसभा चुनाव में हिलोपा चारों सीटों पर अपने उम्मीदवार खडे़ करेगी। इतिहास गवाह है कि 1967 तथा 1998 में प्रदेश की जनता ने तीसरे मोर्चे का भरपूर साथ दिया। 1967 लोकराज पार्टी को 16 तथा 1998 में हिमाचल विकास कांग्रेस को तीसरे मोर्चे के तौर पर पांच सीटें मिली। इसके चलते हिलोपा के हौसले बुलंद हो गए हैं।

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