
घनसाली (टिहरी)। उत्तराखंड के गांधी स्व. इंद्रमणी बडोनी की 89वीं जयंती उनके गांव अखोड़ी में धूमधाम से मनाई गई। कहा गया कि अगले वर्ष से स्व. बडोनी की जयंती सांस्कृतिक दिवस के रूप में मनाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। टीएचडीसी के उप महाप्रबंधक एके श्रीवास्तव ने जीआईसी अखोड़ी की पांच मेधावी और निर्धन छात्राओं को स्कूल ड्रेस, पठन पाठन सामग्री के लिए दो हजार चार सौ रुपये प्रति छात्रा को दिए।
मुख्य अतिथि उक्रांद के अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी ने कहा कि राज्य गठन के बाद से बडोनी को हाशिए पर धकेला गया है। स्व. बडोनी राजनीतिक और सामाजिक सरोकारों से जुड़ने के साथ-साथ संस्कृतिकर्मी भी थे। विशिष्ट अतिथि उक्रांद के संरक्षक बीडी रतूड़ी ने कहार कि स्व. बडोनी की सोच के अनुरूप राज्य का गठन नहीं हुआ है। बडोनी स्मृति मंच के अध्यक्ष लोकानंद डंगवाल, संरक्षक रमेश उनियाल ने कहा है कि जिस तरह से बडोनी ने पृथक राज्य की अलख जगाई थी वह आज सत्ता सुख भोगने वालों के सामने गौण हो गई। लोकगायिका रेखा उनियाल धस्माना ने त्वै इंद्रमणी उत्तराखंड का गांधी आंखी खुजौंदी रैन धरती हमारा गढ़वालै की, दरजी दिदा तू मैंक अंगडी सिलै दे, ना जा ना जा तौं भेल पखाणू जिदेरी घसेरी बोलियों माण आदि गीत प्रस्तुत किए। अंबेश्वरी विद्यालय हुलानाखाल की छात्राओं और जीआईसी अखोड़ी की छात्राओं ने झुमैलो नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दी। इस मौके पर चकबंदी आंदोलन से जुडे़ गणेश सिंह गरीब ने ग्रामीणों क्षेत्रों में चकबंदी, उद्यान, बागवानी आदि स्वरोजगार अपनाने का आह्वान किया।
