
धर्मशाला: मैक्लोडगंज के ऊपरी क्षेत्र त्रियुंड में मिल रहे पाकिस्तान और चीन के मोबाइल नैटवर्क सिग्नल की जांच के प्रति पुलिस प्रशासन ने गंभीरता दिखानी शुरू कर दी है। त्रियुंड में आ रहे विदेशी नैटवर्क की जांच के लिए शिमला से विशेषज्ञ बुलाए गए हैं जिनके वीरवार को धर्मशाला पहुंचने की उम्मीद है। इस संबंध में बुधवार को विशेषज्ञ के धर्मशाला आने का एक पत्र आईजी कार्यालय को प्राप्त हुआ है। एक्सपर्ट त्रियुंड क्षेत्र में मिल रहे सिग्नल की जांच कर इसके स्रोत का पता लगाएंगे। इसके उपरांत आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सूत्रों की मानें तो यह भी पता लगाया जाएगा कि कहीं इस नैटवर्क को यहां प्रयोग में तो नहीं लाया जा रहा है।
त्रियुंड क्षेत्र में जोंग, मोबिलिंक, टेलीनॉर सहित अन्य अंतर्राष्ट्रीय नैटवर्क मोबाइल में नैटवर्क सर्चिंग के दौरान पाए गए हैं। शिमला से आने वाले एक्सपर्ट त्रियुंड में मिल रहे इंटरनैशनल सिग्नल की रिपोर्ट तैयार कर पुलिस प्रशासन को सौंपेंगे। यह भी पता लगाया जाएगा कि जो सिग्रल त्रियुंड में मिल रहा है उसकी रेंज कहां तक है। इसके बाद ही पूरा खुलासा हो पाएगा कि आखिर माजरा क्या है।
बता दें कि कुछ दिन पहले त्रियुंड घूमने गए युवकों के मोबाइल में नैटवर्क सर्चिंग के दौरान जोंग का नैटवर्क आया था जिसे युवकों ने गूगल पर सर्च किया तो यह नैटवर्क पाकिस्तान और चीन का संयुक्त नैटवर्क पाया गया था। नॉर्थ जोन के आईजी जीडी भार्गव ने बताया कि त्रियुंड में मिल रहे विदेशी सिग्रल की जांच के लिए शिमला से एक्सपर्ट बुलाए गए हैं, जिनके वीरवार को धर्मशाला पहुंचने की उम्मीद है। एक्सपर्ट की जांच उपरांत ही सिग्नल के संबंध में सही जानकारी दी जा सकती है।
