त्योहारी सीजन में सो गया सेहत महकमा

धर्मशाला। त्योहारी सीजन के बावजूद स्वास्थ्य विभाग अभी तक प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में खाद्य वस्तुओं का एक भी सैंपल नहीं भर पाया है। इस सीजन में जहां मिठाई, दूध, पनीर में मिलावट की आशंका रहती है, लेकिन इसे रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की कोई मुहिम शुरू नहीं हो पाई है। एक के बाद एक त्योहार आने पर भी स्वास्थ्य विभाग गहरी नींद सोया हुआ है। नवरात्र और दशहरा पर्व के चलते भी विभाग की ओर से कोई सैंपल नहीं भरे गए हैं। सैंपल न भरे जाने से जिले के लोगों की सेहत रामभरोसे ही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएमओ डा. ध्रुव एस. गुरुंग ने भी सैंपल भरने को लेकर तमाम बीएमओ को आदेश दिए हैं। पर्वों के दौरान मिलावटी मिठाइयों का कारोबार धड़ल्ले से होता है। मिठाइयों का सेवन करने के बाद लोगों की सेहत भी बिगड़ जाती है। नवरात्र, दशहरा पर्व बीत चुका है, अब करवाचौथ के शुभ अवसर पर भी मिठाइयों की दुकानों में लोगों की भीड़ लगी हुई है। बावजूद इसके विभाग की टीमों ने दुकानों से सैंपल नहीं भरे हैं। 13 दिन के बाद दिवाली पर्व भी आने वाला है, लेकिन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर पाया है।

क्यों होती है मिलावट
त्योहारी सीजन में मिठाइयों की मांग ज्यादा होने और आपूर्ति पर्याप्त न होने के चलते ज्यादातर मिलावट का संशय रहता है। इस संतुलन को बनाने और मुनाफा कमाने के चक्कर में दुकानदार मिलावटी और रंगदार मिठाइयां ग्राहकों को बेच देते हैं।

क्या है सजा का प्रावधान
यदि कोई दुकानदार या मिठाई बनाने वाला मिलावट और रंगदार मिठाई बेचता पाया जाता है तो उसका सैंपल भरने के बाद दोषी पाए जाने पर तीन से छह माह की सजा का प्रावधान है।

गत वर्ष भरे थे दो दर्जन सैंपल
स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा अधिकारी मंजीत सिंह का कहना है कि गत वर्ष करीब दो दर्जन सैंपल भरे गए थे। जिनमें से सभी पॉजीटिव पाए गए थे। उन्होंने कहा कि वह त्योहारी सीजन में दुकानदारों पर नजर रखे हुए हैं तथा खाद्य वस्तुओं के सैंपल लिए जाएंगे।

सैंपल भरने के दिए हैं आदेश : सीएमओ
स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीएस गुरुंग का कहना है कि बीएमओ और खाद्य सुरक्षा अधिकारी को सैंपल भरने के आदेश दिए गए हैं। अधिकारियों को इस बारे में सख्त निर्देश दिए जाएंगे।

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