
पांगणा (मंडी)। बारिश और बर्फबारी के बाद खेतों में पसरी नमी से किसानों तथा बागवानों को इस बार मिट्टी के सोना उगलने की उम्मीद है। किसान मटर की बीजाई में जुट गए हैं। वहीं विभागीय अधिकारियों ने भी बारिश और बर्फबारी को कृषि-बागवानी के लिए फायदेमंद बताया है। मौसम साफ होते ही मीठी धूप में किसान हजारों बीघा भूमि पर रुकी पड़ी मटर की बीजाई करने में व्यस्त हैं। बागवानों ने भी सेब के पौधों की कांट छांट के साथ बगीचों में गोबर और जैविक खाद डालने का काम शुरू कर दिया है। पर्याप्त नमी होने से बिजाई और प्रूनिंग का कार्य इस बार समय पर पूरा हो जाएगा।
किसानों-बागवानों का धर्मपाल कालिया, जय प्रकाश नेगी, रामेश्वर, खेम सिंह, योगेश शर्मा, रवि कुमार, तेज कुमार, अमृत लाल और हेमराज आदि ने बताया कि मटर का बिजाई कार्य शुरू कर दिया है। अच्छी फसल की उम्मीद है। कृषि और उद्यान विभाग के अधिकारियों ने किसानों तथा बागवानों को फसल की बिजाई और सेब के पौधों की कांटछांट कर खाद आदि डालने की हिदायत दी है।
सेब के पौधों को पेस्ट जरूर लगाएं
उद्यान विभाग के खंड विकास अधिकारी डीआर ठाकुर ने कहा कि सेब के बागीचों की प्रूनिंग के लिए समय उपयुक्त है। बागवान सेब के पौधाें की प्रूनिंग के बाद तुरंत बाद पेस्ट जरूर लगाएं। इससे सेब के पौधों को कैंकर रोग लगने से बचाया जा सकता है।
एक सप्ताह में कर लें बिजाई
कृषि विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ एचके शर्मा ने कहा कि मटर की बिजाई के लिए यह सही समय है। किसान एक सप्ताह के अंदर बिजाई का कार्य पूरा कर लें। इससे मटर की अच्छी फसल होगी।
