
कर्णप्रयाग। राजजात में मां नंदा के मुंदोली पड़ाव में भी मुश्किलें कम नहीं हैं। देवाल-लोहाजंग मोटर मार्ग बदहाल बना हुआ है। फल्दिया गांव से मुंदोली तक पैदल मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त पड़ा है। ऐसे में मां नंदा की राह यहां भी आसान नहीं है, पर स्थानीय लोग राजजात को लेकर खासा उत्साहित हैं।
पिंडरघाटी के देवाल ब्लाक में समुद्रतल से करीब 17 सौ मीटर की ऊंचाई पर स्थित मुंदोली गांव धार्मिक मान्यताओं के लिए विशेष स्थान रखता है। पर्यटक स्थल लोहाजंग से करीब एक किमी पहले सड़क से पांच सौ मीटर दूर स्थित मुंदोली गांव राजजात में मां नंदा का ग्यारहवां पड़ाव है। तैयारियों के नाम पर यहां जलसंस्थान की पेयजल लाइन और उरेडा की स्ट्रीट लाइट लगाने का काम चल रहा है।
यहां भी नहीं काम पूरे
मुंदोली में पार्किग, विद्युत लाइन, छह पैदल रास्तों का निर्माण, धुरीधार और मुंदोली के आयरपाटी में पुलिया निर्माण सहित छह पुलियाओं का निर्माण अधर में है।
पिलखड़ा में लगता है मेला —
फल्दिया गांव से मुंदोली की ओर जब मां नंदा प्रस्थान करती है तो पिलखड़ा पहुंचती है। यहां पर नंदा देवी के मंदिर में प्रतिवर्ष मेला लगता है। मान्यता है कि इस स्थान पर देवी मां ने पिलवा दैंत्य का संहार किया था।
संतान के लिए लगाते हैं सुरई का पेड़
मुंदोली गांव के ऊपर लोहाजंग की तरफ एक पंरपरा है। यहां वे लोग सुरई का पेड़ लगाते हैं, जिन्हें संतान सुख नहीं होता। जिस स्थान पर पौधारोपण किया जाता है, वहां पर चबूतरा भी बनाया जाता है।
इनका कहना है —
सरकार की तैयारियां कुछ नहीं है। फल्दिया गांव से मुंदोली तक का राजजात का पैदल मार्ग टूटा है। देवाल-लोहाजंग मार्ग भी अवरुद्व है। सरकार राजजात तक रास्तों को ठीक कर देती है, तो अच्छी बात होगी। जिस तरह का भी आयोजन होगा, हमारे स्तर से पूरी मदद दी जाएगी।
—- मदन राम ग्राम प्रधान मुंदोली
राजजात में हमारा गांव सहयोग के लिए तैयार है। तैयारियां हो रही है। बरसात से परेशानी हो रही है, लेकिन हम देवी भक्तों का अपने स्तर से जोरदार स्वागत करेंगे।
—प्रताप सिंह बिष्ट पड़ाव अध्यक्ष मुंदोली
