तेंदुए के खौफ ने रोकी सांस्कृतिक संध्याएं

गोहर (मंडी)। लंबाथाच मेले में रात की बजाए सराजघाटी के लोग दिन में सांस्कृतिक कार्यक्रम देख सकते हैं। सुनाह लंबाथाच पंचायत में सात सितंबर से शुरू हो रहे लंबाथाच मेले में रात्रि सांस्कृतिक संध्याएं आयोजित करने के लिए पंचायत ने इस बार रोक लगा दी है। पंचायत ने इसका प्रमुख कारण तेंदुए की दहशत बताया है। सुनाह लंबाथाच की प्रधान निशा शर्मा ने बताया कि तेंदुए ने थुनाग, बनौलीधार और आसपास के क्षेत्रों में लोगों पर जानलेवा हमला करके दहशत फैला दी है। मेले में रात्रि संध्याओं के दौरान तेंदुए का डर सताता रहेगा, इसलिए लोगों के मनोरंजन के लिए दिन को सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करने की योजना बनाई जा रही है। जिला परिषद सदस्य पितांबर लाल ने बताया कि पंचायत का निर्णय सही है। लोगों के दिलों में अभी भी तेंदुए का भय व्याप्त है। आगामी 7 से 12 सितंबर तक लंबाथाच मेले का आयोजन किया जा रहा है। जिसके लिए सुनाह लंबाथाच पंचायत ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

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