
धर्मशाला/देहरागोपीपुर/पालमपुर/बैजनाथ। जिला कांगड़ा में वीरवार को जहां बारिश की बौछारों ने लोगों को गर्मी से राहत दी वहीं, तूफान ने कहर बरपाया। बैजनाथ में चार घरों की छतों को अंधड़ से नुकसान हुआ। पालमपुर के लोअर खैरा में स्कूल की छत उड़ी गई। इससे बड़ा हादसा टल गया। लंबागांव में 200 साल पुराना पीपल का पेड़ गिर गया।
कांगड़ा जिले के कई इलाकों में वीरवार दोपहर बाद जमकर बारिश हुई। इससे धर्मशाला समेत पूरी घाटी का मौसम सुहावना हो गया। धर्मशाला में दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ थोड़ी देर के लिए ओलावृष्टि हुई। उपमंडल देहरा के कई इलाकों में तेज हवाओं के कारण पेड़ों की टहनियां टूट गईं। कई टहनियां टूटकर बिजली की तारों पर गिरीं। इससे करीब एक दर्जन गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बताया जा रहा है कि सुनहेत, रक्कड़, बढ़ूहूं, ढलियारा आदि इलाकों में टहनियां टूटकर बिजली की तारों पर गिरीं। इसके अलावा 33 केवी डाडासीबा लाइन भी ढलियारा और लंबी पुखर में टूट गई। इस क्षेत्र को संसारपुर टैरेस से जोड़ दिया गया। इससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति शाम तक शुरू हो गई। वीरवार शाम तक बोर्ड के कर्मचारी बिजली आपूर्ति सुचारु करने में जुटे रहे। लेकिन, कई गांवों में शुक्रवार तक ही बिजली आपूर्ति सामान्य होने की संभावना है।
स्थानीय निवासियों राजेश कुमार, रविंद्र कुमार, अरुण कुमार, अविनाश कुमार, विजय कुमार, नवीन कुमार आदि ने बताया कि दोपहर को तेज हवाओं से पेड़ों की टहनियां टूटकर बिजली की तारों पर गिरने से आपूर्ति बंद हो गई। जिस तरह से बिजली की तारें टूटी हैं उससे लगता है कि शुक्रवार तक ही आपूर्ति सामान्य हो पाएगी।
बिजली बोर्ड मंडल देहरा के एक्सईएन ने बताया कि बोर्ड के कर्मचारी बिजली आपूर्ति सामान्य करने में जुटे हुए हैं। कोशिश रहेगी कि शाम तक सब-कुछ सामान्य हो जाए।
धुपक्यारा में आंगनबाड़ी केंद्र की छत उखड़ी
उधर, उपंमडल पालमपुर के लोअर खैरा में हाई स्कूल की छत उड़ गई। हालांकि यहां कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। जिस समय छत उड़ी, उस समय स्कूल के बच्चे स्कूल में ही मौजूद थे लेकिन छत उड़ कर दूसरी जगह पर गिर गई। इससे हादसा टल गया।
लंबागांव के रक्कड़ में 200 साल पुराना पीपल का पेड़ गिर गया। लंबागांव, रक्कड़, लाहट कोटलू, धुपक्यारा, नाहलना, सोल बनेड़ संद्रोआ आदि कई गांवों में तूफान से कई पेड़ गिर गए। इससे कई जगहों पर बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई। अटल ग्राम सुधार सभा के अध्यक्ष रमेश चौहान, संजय कुमार, सुभाष चंद, मस्त राम, सुभाष, रिंटू आदि ने कहा कि एक तो पहले ही इस बार आम और लीची की फसल कम थी और जो थी वह यह तूफान ले गया। तहसीलदार विचित्र सिंह ने कहा कि उनके पास अभी तक नुकसान की कोई शिकायत नहीं आई है।
वहीं, धुपक्यारा गांव में आंगनबाड़ी केंद्र की छत भी तूफान से उड़ गई। इससे अंदर रखे सामान को नुकसान हुआ है।
बैजनाथ में तीन छतें उड़ीं, कई घरों में अंधेरा
बैजनाथ पुलिस थाना के करीब पेड़ गिर जाने से धानग गांव को जाने वाली विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इससे धानग गांव के 100 से ज्यादा घरों की बिजली गुल हो गई। पेड़ गिरने से साथ में स्थापित विद्युत ट्रांसफार्मर तथा तारों को भारी नुकसान हुआ। इसे शाम ढलने तक विद्युत कर्मी दुुरुस्त नहीं कर पाए। तेज हवाओं के चलने के कारण राजिंद्रो पैलेस के ऊपर स्थित वार्ड 6 में रंगीलु राम और विमला देवी की मकान की छतें उड़ गईं। ज्ञान चंद के घर में दरार आ गई। संदीप के मकान की छत का एक हिस्सा उड़ गया। प्रशासन की तरफ से रंगीलू राम और विमला देवी को मौके पर ही तिरपाल उपलब्ध करवा दी गई। लोनिवि के कार्यालय के समीप भी पेड़ गिर गए। इससे पास स्थित घरों को नुकसान पहुंचा है। पंचायत प्रधान अमित कपूर और उप प्रधान लाल चंद मौके पर प्रभावित स्थल पर उपस्थित रहे।
किसानों के लिए बारिश वरदान
बैजनाथ के किसानों जगजीश चंद, रमेश कुमार, त्रिलोचल, भुवनेश, राधो, भूमि सिंह आदि का कहना है कि बारिश ने उनकी आधी चिंता को दूर कर दिया है। यह बारिश मक्की व धान की फसल की बुआई के लिए लाभकारी सिद्ध होगी।
