तूफान और ओलों से नकदी फसलें तबाह

गोहर (मंडी)। मौसम बिगड़ने के बाद रविवार आधी रात को गोहर में भयंकर तूफान चलने से गुठलीदार फलों, गेहूं की फसल और सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं तेज हवाओं से कई घरों और गौशालाओं की छतें तक उड़ गईं। सोमवार को सेब उत्पादक क्षेत्रों में बारिश के साथ ओले गिरने से बागवान काफी चिंतित है। ओलों और बारिश से सेब की फ्लावरिंग प्रभावित होने से बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
कमरूघाटी में रविवार रात को आंधी तूफान ने कोहराम मचाया। जिले की जंजैहली घाटी, ज्युणी घाटी, चैलचौक, गोहर, स्यांज, छपराहण, थुनाग, बगस्याड, करसोग, बालीचौकी, बल्हघाटी, नंदगढ़, हटगढ़, सरकाघाट और धर्मपुर क्षेत्रों में तूफान और तेज हवाओं से फसलों को नुकसान पहुंचा है।
गुुठलीदार फलों और सेब के फूलों को इस तूफान से लाखों का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। तेज हवा से खेतों में खड़ी गेहूं और मटर की फसल जमीन में बिछ गई। नंदगढ़ क्षेत्र के सरोगी, किलिंग, शिल्हणु, बदरयाडा, सुराह, केवली, बरनोगी, रेफल, थर्की और आसपास के गांवों में गेहूं को तूफान से भारी क्षति हुई। कमरूघाटी के बाढु, रोहांडा, कुटाहची, घीडी, सरोआ, नैंदल और संजाला समेत आसपास के क्षेत्रों में सेब और गुठलीदार फलों को नुकसान हुआ है। जंजैहली और ज्युणी घाटी में भी फसलों और फलों को नुकसान पहुंचा है। सेब बागवान यशवंत ठाकुर, देवीराम, लेखराज, डोलेराम, महेंद्र सिंह काकू, हेमराज, चंद्रमणी, प्रेम सिंह, भीम सिंह ठाकुर, प्रदीप ठाकुर और दीपक ने बताया कि रविवार रात आए तूफान से उनके सेब बगीचों, गुठलीदार फलों और गेहूं की फसल को लाखों का नुकसान हुआ है। घाटी के हरीश ठाकुर और मीनू ने बताया कि मौसम खराब होते ही आसमान में बिजली चमकने के साथ तेज हवा चलीं। इससे घर के बाहर भी नहीं निकल पाए। मंडी जिला उद्यान उपनिदेशक प्रेम सिंह चौहान ने कहा कि तूफान से बागवानों को लाखों का नुकसान हुआ है। कहा कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

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