तीन माह बाद पहुंची गैस, फिर भी नहीं मिली

गुप्तकाशी। तीन माह बाद सोमवार शाम रसोई गैस सिलेंडर का ट्रक पहुंचा। सिलेंडर लेने के लिए पहुंचे उपभोक्ताओं की काफी भीड़ होने से वितरकों और उपभोक्ताओं के बीच हल्की नोंक-झोक भी हुई। ऐसे में जहां कई लोगों को सिलेंडर मिल गए थे, वहीं कईयों को बैरंग ही लौटना पड़ा। उपभोक्ताआें का आरोप है कि वितरक वास्तविक लोगाें को सिलेंडर देने के बजाए बिचौलियाें को दे रहे हैं।
स्थानीय निवासी बीएल बगवाड़ी, मस्तान नेगी, हर्षमणि सेमवाल और शिव प्रसाद तिनसोला ने बताया कि स्थानीय लोगाें की मांग को देखते हुए तीन माह बाद सोमवार को रसोई गैस सिलेंडर का ट्रक पहुंचा, लेकिन गुप्तकाशी में नाम मात्र का ही आवंटन किया गया। जबकि वितरकाें द्वारा बीच में ही बिचौलियाें को आधे से अधिक सिलेंडर बेच दिए गए हैं, जिससे आधे से अधिक उपभोक्ताओं को बैरंग लौटना पड़ा। उन्हाेंने बताया कि इस संबंध में पूर्व में प्रशासन को अवगत कराया जा चुका था, लेकिन शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा हे।

बंद पड़ी ऊखीमठ गैस एजेंसी खुलनी जरूरी
डीएम ने की जीएमवीएन के एमडी से वार्ता
रुद्रप्रयाग। ऊखीमठ में पिछले सात माह से बंद चल रही गैस एजेंसी की बहाली को जिलाधिकारी ने पहल की है। उन्होंने गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) के एमडी से वार्ता कर इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
गत वर्ष दिसंबर में वित्तीय अनियमितताआें के कारण आईओसी (इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन) ने ऊखीमठ गैस एजेंसी के रसोई गैस सिलेंडराें के आवंटन पर रोक लगा दी थी। उक्त एजेंसी का संचालन जीएमवीएन कर रहा था। हालांकि आईओसी ने उक्त एजेंसी से आच्छादित क्षेत्र में सिलेंडर आवंटन की जिम्मेदारी अगस्त्यमुनि की निजी गैस एजेंसी को दी थी, लेकिन क्षेत्र विस्तार अधिक होने और प्लांट से सिलेंडर कम मिलने के कारण गैस वितरण समय पर नहीं हो पाया।
गत जून में केदारघाटी में आई आपदा के बाद गैस वितरण व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। ऊखीमठ ब्लाक मुख्यालय के क्षेत्रों में गोपेश्वर होते हुए और गुप्तकाशी क्षेत्र में मयाली होते हुए ट्रक भेजने पड़ रहे हैं, जो संबंधित एजेंसी के लिए मुश्किल हो रहा है। मंगलवार को डीएम जावलकर ने दूरभाष से जीएमवीएन के एमडी को वस्तुस्थिति बताई और एजेंसी खोलने के लिए कहा।

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