
असी गंगा में आई बाढ़ में पुल और पुलिया बहने के कारण अलग-थलग पड़े गांवों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बीमार अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस घाटी से बुधवार को तीन मरीज हैलीकॉप्टर की मदद से अस्पताल पहुंचाए गए।
बीते साल अगस्त की बाढ़ में पुल, पुलिया, सड़क और रास्ते तबाह होने के बाद से इस घाटी के गांव अभी तक उबर नहीं पाए हैं। बीते साल बनी अस्थाई पुलिया और रास्ते पिछले माह आई बाढ़ में बह गए। इसके बाद असी गंगा पर पेड़ डालकर की गई अस्थाई व्यवस्था भी 16 जुलाई की रात आए उफान में तबाह हो गई। अब अलग-थलग पड़े इस क्षेत्र के अगोड़ा, ढासड़ा, दंदालका, गजोली, भंकोली, नौगांव, सेकू आदि गांवों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।
भंकोली गांव की पुष्पा देवी पत्नी बचन सिंह और गजोली के मैदरू लाल पुत्र चैतू की हालत उल्टी दस्त से खराब हो रही थी। बुधवार की सुबह गजोली गांव के लक्ष्मी प्रसाद खंडूड़ी पुत्र खिमानंद का हाथ टूट गया। रास्ते न होने से इन्हें अस्पताल तक पहुंचाने की समस्या खड़ी हो गई थी। क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य कमल सिंह रावत के अनुरोध पर प्रशासन ने इन मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर की सुविधा मुहैया कराई। तब जाकर इन मरीजों के परिजनों ने राहत की सांस ली।
