तीन मकान जमींदोज, आधा दर्जन परिवार बेघर

पधर (मंडी)। कुन्नू पंचायत के सरी गांव में जमीन का बड़ा भू-भाग धंसने से लगभग आधा दर्जन परिवार बेघर हो गए हैं। तीन मकाम जमींदोज हो गए। पिछली बरसात से गांव में जमीन धंसने का क्रम शुरू हुआ था। इस दौरान प्रभावित परिवारों के रिहायशी मकानों, शौचालयों और गौशालाओं को क्षति पहुंची थी। भारी बरसात के चलते इस बार बारिश ने गांव में खूब कहर बरपाया। बरसात शुरू होते ही ग्रामीणों ने खतरा भांप कर अपने रिहायशी मकानों को खाली कर सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर दिया था।
पिछले दिनों मकानों को गिरने का खतरा होने से कुछ परिवारों ने मकानों के स्लेट तक उतार दिए थे। भारी बारिश से ग्रामीणों के मकान ल्हासे की जद में आकर गिर गए। गत वर्ष शौचालय जो ल्हासे की जद में आकर गिरने की कगार पर पहुंच गए थे, सेफ्टी टेंक सहित उनका कोई नामोनिशान नहीं रहा है। मलकीयत भूमि पर बने सीढ़ीनुमा खेत टूट गए हैं और पेड़ों के गिरने का क्रम निरंतर जारी है। प्रभावित राजेंद्र कुमार, गगन कुमार, विजय कुमार सभी पुत्र पूर्ण चंद ने बताया कि मकान को खतरा बनने से पहले ही उन्होने दूसरे गांव को पलायन कर दिया था। ल्हासे की जद में आने से उनके रिहायशी मकानों का कोई नामोनिशान नहीं रहा है। उनकी छह परिवारों की लगभग 15 बीघा भूमि धंस गई। घराट भी मिट्टी में समा गए। यहां गांव में हीरा लाल, खेम सिंह, राम सिंह, गोपाल सिंह की लगभग 10 बीघा भूमि धंसने से मलबे की चपेट में आने से फसलाें और घासणियों का भारी नुकसान हुआ है। इस गांव में सफेद रंग का पानी भारी मात्रा में जमीन से निकल रहा है। इस बात की पुष्टि आईपीएच के सहायक अभियंता पधर हर्ष शर्मा ने की। प्रभावित परिवारों का कहना है कि गत वर्ष भी प्रशासन से नुकसान की भरपाई को गुहार की थी, मगर उनके नुकसान को अनदेखा किया गया।

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