तीन दिन में रिपोर्ट दें बीपीईओ

चंबा। प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय में शुक्रवार को बीपीईओ की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में शिक्षा उपनिदेशक ओपी हीर और ओएसडी विकास महाजन मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान सबसे पहले पिछली बैठक में लिए गए फैसलों पर समीक्षा की गई। साथ ही बीपीईओ से मांगी गई जानकारी को लेकर विचार विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे बीपीईओ जिन्हाेंने जानकारी नहीं दी है, तीन दिन के भीतर तमाम जानकारी देंगे। बैठक में स्कूल यूनिफार्म को लेकर भी चर्चा की गई। तमाम शिक्षा खंडों से यूनिफार्म के लिए डिमांड भी ली गई। साथ ही बची हुई यूनिफार्म को वितरित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि बैठक में मिड डे मील योजना पर भी विचार विमर्श हुआ। उन्हाेंने कहा कि स्कूलों में योजना के तहत बच्चों को पौष्टिक आहार खिलाया जाए। उन्होंने कहा कि सर्विस बुक आनलाइन करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। इस बीच सर्विस बुक को आनलाइन करना होगा। सर्विस बुक आनलाइन होने के बाद ही कर्मचारियों के तबादले होगे। इस मौके पर बीपीईओ भरमौर सर्वदयाल, चुवाड़ी से उत्तम चंद, सलूणी से मानदास, तीसा से अरुण शर्मा, मैहला से भावना शर्मा, मैहला एक से रमेश्वरी, चंबा से राजकुमारी और कियाणी से तृप्ता ने भाग किया।

बैठक में न आने पर होगी जवाब तलबी
बीपीईओ गारोला ने नहीं लिया बैठक में भाग

चंबा। प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय में हुई बीपीईओ की बैठक में शिक्षा खंड गरोला के बीपीईओ ने उपस्थिति दर्ज नहीं करवाई है। बताया जा रहा है कि शिक्षा विभाग ने शुक्रवार की बैठक के बारे में उन्हें जानकारी दी थी, लेकिन बीपीईओ ने बैठक में आना जरूरी नहीं समझा। इस कारण अब बीपीईओ के खिलाफ विभाग कार्रवाई अमल में ला सकता है। उपनिदेशक कार्यालय उनसे जवाब-तलबी करने जा रहा है। गौर रहे कि शिक्षा विभाग ने बैठकों में तमाम अधिकारियों को उपस्थित रहने के आदेश दिए हैं। बैठक में भाग न लेने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने को लेकर पहले ही चेतावनी दी जा चुकी है। प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय से बीपीईओ गरोला के अधीक्षक को भी मैसेज भेजा गया था। बैठक में बीपीईओ के भाग न लेने से उपनिदेशक को स्कूलों में चल रही समस्या बारे जानकारी नहीं मिल पाई है। शिक्षा विभाग के ओएसडी विकास महाजन ने कहा कि सूचना देने के बावजूद बीपीईओ बैठक से गैरहाजिर रहे हैं। बैठक में बीपीईओ का भाग लेना जरूरी है। इस बारे में पहले भी निर्देश जारी किए गए हैं। उन्हाेंने कहा कि इस बारे में बीपीईओ से जवाब-तलबी की जाएगी। स्पष्ट उत्तर न मिलने पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है।

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