तिब्बत में बौद्ध लामा ने किया आत्मदाह

मैकलोेडगंज। तिब्बत में चीन की दमनकारी नीतियों से त्रस्त तिब्बती बौद्ध लामा ने आत्मदाह कर लिया है। तिब्बत मसले पर संघर्ष कर रहे तिब्बतियन एक्टिविस्ट तेंजिन छुंडू ने बताया कि तिब्बत के उत्तर पूर्वी भू-भाग के आचोक बौद्ध मठ के पास तिब्बती लामा छुल्ट्रिम ग्यॉत्सो (44) ने तिब्बत में धर्मगुरु दलाईलामा की तिब्बत वापसी एवं तिब्बत की आजादी को लेकर प्रदर्शन के दौरान आत्मदाह किया है। बौद्ध लामा की मौके पर ही मौत हो गई है। बौद्ध गुरु छुल्ट्रिम ग्यॉत्सो के मृत शरीर को आचोक बौद्ध मठ में लाया गया। जहां मठ के अंदर 400 लामाओं का समूह पूजा पाठ में व्यस्त था। तिब्बत के हकों के लिए संघर्ष कर रहे बौद्ध लामा ने आत्मदाह करने से पूर्व लिखित तौर पर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया था। लिखा है कि तिब्बत के लोग चीन की गलत नीतियों का दंश सहन कर रहे हैं। यह भी बयां किया है कि उनके द्वारा आत्मदाह करने के पीछे धर्मगुरु दलाईलामा की तिब्बत में वापसी, पंचेन लामा की रिहाई और तिब्बत में रह रहे तिब्बतियों की खुशी ही उसका मकसद था। उन्होंने बताया कि केंद्रीय तिब्बती प्रशासन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिब्बत में लगातार हो रही आत्मदाह की घटनाओं को रोकने के लिए चीन पर दबाव डालने के लिए संयुक्त राष्ट्र से अपील की जाएगी।

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