तालमेल के अभाव से मची भगदड़

पालमपुर (कांगड़ा)। बॉयज स्पोर्ट्स कंपनी के माध्यम से सेना में भर्ती कोटे में जिला भर से अपनी किस्मत आजमाने आए हजारों बच्चों के सपनों को झटका लग गया है। भर्ती स्थल पर इंतजाम के पुख्ता प्रबंधों का अभाव भारी पड़ा। भर्ती होने के लिए मंगलवार रात से जुटे बच्चों को बुधवार को मायूस घर लौटना पड़ा। इसका सबसे बड़ा कारण स्थानीय पुलिस प्रशासन और सेना में तालमेल न होना बताया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों की मानें तो उन्हें मंगलवार रात को सूचना दी गई कि पालमपुर में सुबह भर्ती होनी है। इसके चलते प्रशासन ने इंकार भी कर दिया था जबकि सेना अधिकारियों की मानें तो प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई थी। वह इसमें सहयोग भी कर रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि जिस शहीद विक्रम बतरा मैदान में भर्ती रखी थी, उस मैदान की सेना ने किसी से अनुमति भी नहीं ली थी। साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को भी इसकी रात को सूचना दी गई थी।
सूत्र बताते हैं कि बुधवार सुबह हजारों की संख्या में मौजूद बच्चों को भर्ती करने के लिए केवल सेना की ओर से पांच से छह कर्मी ही मैदान में पहुंचे थे। इससे काफी देर तक बच्चों की भीड़ को वे संभाल नहीं पाए। थोड़ी देर बाद जब आर्मी के अधिकारियों और जवानों ने मैदान में भर्ती शुरू की तो बच्चों में अचानक भगदड़ मच गई। इससे कई बच्चे बाहर की ओर भागने लगे। इसका पता चलते ही मौके पर पुलिस बल समेत पहुंचे एसडीएम पालमपुर भूपेंद्र सिंह अत्री और डीएसपी नवदीप सिंह ने भी सेना कर्मियों के साथ भीड़ पर काबू पाने की कोशिश की और भर्ती एक बार फिर से शुरू करवा दी, लेकिन भीड़ बेकाबू होती गई। इसके चलते भर्ती रद करने की घोषणा कर दी गई।

क्या कहते हैं आर्मी अफसर
सेना के मेजर दिवाकर सहगल ने कहा कि उन्होंने नहीं सोचा था कि पालमपुर में बच्चों की इतनी भीड़ जुटेगी। यहां पर बच्चों की भारी भीड़ जुटी। एडमिनिस्ट्रेटिव कमांडर अरुण ने कहा कि सेना ने स्थानीय प्रशासन को सूचना दी थी और अधिकारी सहयोग भी कर रहे थे।

प्रशासन को रात को मिली सूचना
एसडीएम पालमपुर भूपेंद्र अत्री ने कहा कि उन्हें व जिला उपायुक्त को भर्ती के बारे में सेना की ओर से मंगलवार रात साढ़े 9 बजे सूचना मिली थी। इस पर उन्होंने मना भी कर दिया था। सेना इसके बारे पहले सूचना देती तो सारे प्रबंध पहले से ही किए जाते। बच्चों की सुविधा के लिए अतिरिक्त बसें भी चलाते। बच्चों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को देख भर्ती रद करनी पड़ी।

कहां हुई चूक
बुधवार को पालमपुर में बॉयज स्पोर्ट्स कंपनी में सेना के माध्यम से होने वाली खेल कोटे की भर्ती को लेकर जिस तरह से तहसीलों में बच्चों के कई फार्म बन रहे थे, उसे देख जिला या स्थानीय प्रशासन इसके लिए पहले से अपने प्रबंध पुख्ता कर लेता। सेना को चाहिए था कि वह भर्ती को लेकर प्रशासन से सभी प्रबंधों को लेकर पहले बात करती जो हर भर्ती में होता है। लोगों की मानें तो दोनों ओर से इस भर्ती को हल्के में लिया गया था।

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