
उत्तरकाशी। निस्वार्थ सेवा किसे कहते हैं यह सीढ़ी गांव के प्रताप सिंह पंवार से सीखें। चड़ेती भटवाड़ी में चाय की दुकान चलाकर आजीविका चलाने वाले प्रताप सिंह ने शिक्षा विभाग को स्कूल चलाने के लिए अपना दो कमरों का भवन निशुल्क देकर मिसाल पेश की।
भटवाड़ी प्रखंड में ग्राम पंचायत पाला के 12 परिवारों वाले सीढ़ी गांव में प्राथमिक स्कूल नहीं था। गांव के बच्चों को पढ़ने के लिए तीन किलोमीटर दूर पैदल चलकर पाला गांव आना पड़ता था। जनप्रतिनिधियों की मांग पर गांव में वर्ष 2008-09 में प्राइमरी स्कूल तो स्वीकृत हो गया, मगर संचालन के लिए भवन नहीं था। ऐसे में गांव के प्रताप सिंह पंवार निस्वार्थ भाव से आगे आए। उन्होंने स्कूल के लिए अपने दो कमरों का भवन निशुल्क दे दिया। पांच सालों से इसी भवन में स्कूल चल रहा है। बाद में गांव वालों ने विभाग को स्कूल भवन निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध करा दी और वह विभाग के नाम हस्तांतरित भी हो गई। लेकिन जून माह की आपदा में यह जमीन भी भूस्खलन की जद में आ गई। ऐसे में इस जमीन पर स्कूल भवन बनाना संभव नहीं रहा। सीआरसी समन्वयक विजय प्रसाद भट्ट का कहना है कि प्रताप सिंह पंवार की बदौलत बच्चे गांव में ही पढ़ाई कर पा रहे हैं। उन्हें संकुल स्तर पर सम्मानित किया गया।
शिक्षा के बल पर ही किसी क्षेत्र या गांव का विकास हो सकता है। इसी सोच के साथ मैंने गांव में स्कूल के लिए अपना भवन उपलब्ध कराया है।
प्रताप सिंह पंवार, निवासी सीढ़ी गांव
जिले में कई स्कूल भवन भूस्खलन और भूधंसाव की जद में आने से 15 स्कूल निजी भवनों में चल रहे हैं। इन सभी भवन स्वामियों को शिक्षा विभाग द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
