तमलेड़ गांव से आधा दर्जन मकान खाली करवाए

बलद्वाड़ा/टिहरा (मंडी)। पटड़ीघाट पंचायत के तमलेड़ गांव को भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। बारिश की वजह से गांव के ऊपर लगातार भूस्खलन हो रहा है। जाहू-कलखर रोड पर भी भूस्खलन का सिलसिला जारी है। इससे गांव के ऊपर से गुजरती सड़क पर भारी मलबा जमा हो गया है। भूस्खलन के चलते जमा हो रहा यह मलबा कभी भी तमलेड़ गांव को अपनी चपेट में ले सकता है। प्रशासन ने आधा दर्जन मकान खाली करवा दिए हैं।
ग्रामीण खतरे का सबब बने मलबे को हटाने की मांग कर रहे हैं। पिछले 4-5 दिन से यहां लगातार भूस्खलन हो रहा है। खतरा लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को वार्ड सदस्य लेखराम ने बताया कि गांव खतरे की जद में है। प्रशासन ने ग्रामीणों चिंतराम, कांशी राम, बृज लाल, रत्न चंद, जगदीश चंद एवं जयराम के मकान खाली करवा दिए हैं। जबकि, अन्य मकानाें को भी खतरा है। खाली करवाए गए मकानाें के प्रभावित सदस्यों के रहने की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। इधर, नायब तहसीलदार बलद्वाड़ा ओम चंद शर्मा का कहना है कि खतरे को देखते हुए आधा दर्जन मकानों को खाली करवा दिया गया है। जिनके ठहरने एवं खाने-पीने की वैकल्पिक व्यवस्था कर दी गई है। उधर, टिहरा क्षेत्र में भी बरसात का कहर जारी है। कमलाह पंचायत के ब्रैहल गांव में लश्करी राम की गौशाला ढह गई। जिससे अंदर बंधी दो भैंसें तथा 2 बकरियाें की मौत हो गई। वहीं, ल्हासे गिरने से लज्जा राम, जोगी राम, ओम चंद, चमन लाल के मकानों को खतरा बना हुआ है। टिहरा पंचायत के सकोहटा गांव में ल्हासा गिरने से सुखदेव चौहान एवं मनमोहन की गौशाला को खतरा पैदा हो गया है। टिहरा-संधोल सड़क जगह-जगह ल्हासे गिरने से चार दिन से ठप पड़ी है।

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