तबादलों पर भड़के रामपुर के कर्मचारी

रामपुर बुशहर। शिमला धरने में शामिल सत्तर चालक-परिचालकों का तबादला करने पर रामपुर डिपो के कर्मचारी भड़क गए हैं। कर्मचारियों ने इन तबादलों का कड़ा विरोध किया है। परिवहन कर्मचारियों ने वीरवार को आपात गेट मीटिंग कर कड़ी चेतावनी दी है कि अगर इन तबादलों को रद न किया गया तो निगम प्रबंधन के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा। निगम प्रबंधन ने 70 चालक-परिचालकों के एक साथ तबादले किए हैं। बताया जा रहा है कि ये चालक-परिचालक 23 अप्रैल को शिमला धरने में शामिल हुए थे। इधर, कर्मचारियों के तबादलों पर रामपुर डिपो के कर्मचारियों ने भारी विरोध जताया है। इसी कड़ी में वीरवार को कर्मचारियों ने गेट मीटिंग की। इसमें इस डिपो की संयुक्त संघर्ष समिति के प्रधान जीवन सिंह, उपप्रधान विजय श्याम, महासचिव सुरेश कुमार, सचिव हेम सिंह, मनोहर लाल, दलीप सिंह, कुलदीप चंद, राजू राम, सर्वजीत, सुरेंद्र कुमार, बख्शी राम, पुरुषोत्तम, कुलदीप चंद, सुधीर कुमार और किशोर कुमार ने कहा कि चालक-परिचालक शिमला में अपनी जायज मांगों को मनवाने के लिए धरना देने गए थे। निगम प्रबंधन को चाहिए था कि मांगें पूरी करे, लेकिन प्रबंधन ने इसके विपरीत कदम उठाते हुए 70 कर्मचारियों के तबादले कर डाले, जो बिल्कुल गलत है। प्रबंधन ने कर्मचारियों की आवाज दबाने का प्रयास किया है, लेकिन कर्मचारी डरेंगे नहीं और अपने हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे। उन्होंने निगम प्रबंधन से मांग की है कि कर्मचारियों के तबादले तुरंत रद किए जाएं। अगर तबादले रद नहीं हुए तो फिर कर्मचारी उग्र प्रदर्शन करेंगे। इसके कारण जनता को जो परेशानी आएगी, इसके लिए निगम प्रबंधन जिम्मेवार रहेगा।

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