
रुद्रप्रयाग। शिक्षा विभाग में स्थानांतरण प्रक्रिया में हर साल वही गलतियां दोहरायी जा रही है। पूर्व में दुर्गम और वर्तमान में सुगम श्रेणी में आ चुके विद्यालयों की सेवाओं का शिक्षकों को लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे दुर्गम में रह चुके शिक्षक हताश हैं। शिक्षक संगठनों ने विभाग से संशोधन करने की मांग की है।
करीब छह वर्ष पूर्व जीआईसी जवाड़ी और राजकीय हाईस्कूल तूना रोड हेड से तीन से चार किमी दूर थे। वर्तमान में यह स्कूल सड़क मार्ग से जुड़ चुके हैं, जिसके चलते यह विद्यालय सुगम में आ गए हैं। इसका नुकसान यहां तैनात या पूर्व में यहां तैनात रह चुके शिक्षकों को झेलना पड़ रहा है। विभाग ने आज की परिस्थिति में उनकी सारी सेवा सुगम में मान ली है और उनके सुगम में आने की संभावना खत्म हो गई है। चमोली जिले के जयशाल गांव में तैनात रह चुके शिक्षक जेपी डिमरी और मुन्नी डिमरी का कहना है कि वर्तमान में सड़क पहुंचने के कारण जयशाल को सी श्रेणी में रखा गया है। करीब 22 वर्ष पूर्व वहां प्राथमिक विद्यालय जयशाल में तैनात थे। तब स्कूल पहुंचने के लिए छह-सात किमी पैदल चलना पड़ता था, लेकिन विभाग ने सिर्फ वर्तमान स्थिति को देखकर उनकी पुरानी सेवा को सुगम मान लिया।
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वर्षों से दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों की सेवा को सुगम में जोड़ा जा रहा है। बिना होमवर्क के सेवाकाल का निर्धारण किया गया है। यह गलत है। –डीएस राणा, जिला महामंत्री जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ
