तकनिकी आधार पर कृषि को सीखकर करे अच्छी कमाई, ये कोर्स करने से बेहतर होगा भविष्य

तकनिकी आधार पर कृषि को सीखकर करे अच्छी कमाई, ये कोर्स करने से बेहतर होगा भविष्य

Agriculture Course: वर्तमान समय में कृषि स्नातकों के लिए पारंपरिक कृषि योग्यताएं ही पर्याप्त नहीं हैं। तकनीकी से कृषि का क्षेत्र भी अछूता नहीं है। इसलिए बेहतर उत्पादकता और करिअर की बेहतर संभावनाओं के लिए कृषि पेशेवरों को उभरती हुई आधुनिक कृषि तकनीकों को जानने की जरूरत आन पड़ी है। प्रेसिजन एग्रीकल्चर कृषि की आधुनिक तकनीक है, जिसमें सैटेलाइट इमेज, ग्रिड सैंपलिंग, परिवर्तनीय-दर प्रौद्योगिकी (वीआरटी), सेंसर, ड्रोन, एआई और ब्लॉकचेन सहित कई उन्नत तकनीकों का कृषि में उपयोग करना सिखाया जाता है।

यह पारंपरिक कृषि ज्ञान को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर कृषि उत्पादकता को बेहतर बनाती है। साथ ही कृषि कुशल पेशेवरों के लिए नए कॅरिअर के अवसर भी प्रदान करती है। अगर आप भी कृषि स्नातक हैं, तो प्रेसिजन एग्रीकल्चर के ज्ञान के साथ आप बेहतर कॅरियर संभावनाओं की तलाश कर सकते हैं।

कोर्सेज
पारंपरिक खेती के तरीकों की अच्छी समझ के लिए आप कृषि में स्नातक करने के अलावा पंजाब कृषि विश्वविद्यालय से प्रेसिजन एग्रीकल्चर में सर्टिफिकेट कोर्स और उडेमी, कोर्सेरा, स्किल इंडिया और विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आधुनिक कृषि तकनीकों से जुड़े ऑनलाइन कोर्स कर सकते हैं।

आप चाहें तो इग्नू से एक वर्ष का पोस्ट-ग्रेजुएट डिप्लोमा एग्रीबिजनेस और नेशनल स्कूल ऑफ ओपन स्कूलिंग, चौधरी चरण सिंह विवि आदि से प्लांट प्रोटेक्शन में डिप्लोमा भी कर सकते हैं। इससे आप कृषि में आधुनिक तकनीकों जैसे जीपीएस सिस्टम, ड्रोन, मृदा सेंसर और डाटा विश्लेषण टूल का उपयोग करना सीख पाएंगे।

व्यावहारिक अनुभव
आप कृषि तकनीक का उपयोग करने वाले खेतों में इंटर्नशिप या तरीके से कृषि उत्पादन करने वाली कंपनियों में काम करके व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि वास्तविक खेती में आधुनिक तकनीक और टूल्स का इस्तेमाल किस तरह से किया जाता है।

इसके अलावा कृषि मंचों में शामिल हों और कृषि सम्मेलनों या ऑनलाइन समूहों में भाग लें। इससे आपको क्षेत्र के विशेषज्ञों से जुड़ने और उनके अनुभवों से सीखने में मदद मिलेगी। साथ ही आपकी नेटवर्किंग भी बढ़ेगी।

नई तकनीकों से अपडेट रहें
ड्रोन, मशीन लर्निंग और एआई जैसी नई तकनीकें कृषि में अधिक लोकप्रिय हो रही हैं। ऑनलाइन कोर्स, वर्कशॉप और सेमिनार के जरिये इनके बारे में जानकारी प्राप्त करते रहें। कौशल प्राप्त कर लेने के पश्चात तकनीकी कृषि कंपनियों, कृषि स्टार्टअप, शोध संस्थानों या स्मार्ट खेती पर ध्यान केंद्रित करने वाली सरकारी परियोजनाओं में नौकरी के अवसरों की तलाश करें।

खुद का स्टार्टअप

खुद का व्यवसाय शुरू करने में रुचि रखने वाले खुद का स्टार्टअप भी चालू कर सकते हैं। आप तकनीक के जरिये किसानों को उत्पादन को बेहतर बनाने में मदद करने के लिए ड्रोन मैपिंग, मिट्टी परीक्षण या फसल निगरानी जैसी सेवाएं दे सकते हैं।

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