
शिमला। ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए अब आपको मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं बनाना होगा। मेडिकल सर्टिफिकेट के कारण ड्राइविंग लाइसेंस बनाने में लोगों को पेश आ रही परेशानी को खत्म करने के लिए परिवहन विभाग ने व्यवस्था में बदलाव किया है। नई व्यवस्था से लाइसेंस बनाने के इच्छुक हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
अठारह साल से अधिक उम्र के लोगों को लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने के पचड़े में नहीं पड़ना होगा। बिना मेडिकल सर्टिफिकेट के भी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अप्लाई किया जा सकेगा। परिवहन विभाग द्वारा बनाए जाने वाले 80 फीसदी ड्राइविंग लाइसेंस नॉन ट्रांसपोर्ट होते हैं, ऐसे में नई व्यवस्था से हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि ट्रांसपोर्ट व्हीकल के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट की अनिवार्यता बनी रहेगी। अभी तक लाइसेंस बनाने से पहले लोगों को अस्पतालों के चक्कर काटकर मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाना पड़ता था। अस्पतालों में लंबी प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही मेडिकल सर्टिफिकेट बन पाता था।
इन वाहनों के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट आवश्यक
बस, ट्रक, टैक्सी, मैक्सी कैब और पिकअप सहित अन्य ट्रांसपोर्ट व्हीकल को चलाने के लिए लाइसेंस बनाने से पहले मेडिकल सर्टिफिकेट उपलब्ध करवाने होंगे।
क्या कहते है विभागीय अधिकारी
नॉन ट्रांसपोर्ट ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट की अनिवार्यता हटा दी गई है। लोगों की सहूलियत के लिए यह प्रावधान किया गया है।
