
कोटद्वार। टैक्सी चालक भगवान सिंह की पिटाई मामले में चौतरफा फजीहत झेल रही पुलिस ने आरोपी पुलिस कर्मियाें को सस्पेंड कर दिया है। एसपी के आदेश पर उनका निलंबन किया गया। इससे पहले रविवार को टैक्सी चालक पूर्व सैनिक भगवान सिंह की तहरीर पर पुलिस की ओर से रिपोर्ट दर्ज नहीं करने पर गुस्साए लोगों ने डीजीपी को ज्ञापन भेजकर सीओ सहित पूरे सभी पुलिस कर्मियों का तबादला करने की मांग की है। उन्हाेंने आरोपी पुलिस कर्मियों को बर्खास्त करने की भी मांग उठाई।
रविवार को दुगड्डा में पुलिसिया की दरिदंगी के खिलाफ सोमवार को भी हंगामा चलता रहा। पीड़ित की बेटी सुनीता नेगी, भाई ठाकुर सिंह सहित अन्य लोगों ने तहसील में धरना दिया। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपी पुलिस कर्मियों पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि दोनों तरफ से दी गई तहरीरों की जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि पुलिस जांच की बात कहकर मामले को ठंडा करने का प्रयास कर रही है। पूर्व सैनिक सेवा परिषद और भाजपा महिला मोर्चा ने भी घटना की निंदा कर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। धरना देने वालों में जगमोहन सिंह नेगी, महेंद्र सिंह, लक्ष्मण सिंह, सुभाष चंद्र आदि मौजूद थे।
एसपी को भेजी प्रथम जांच रिपोर्ट
घटना को लेकर बढ़ेे असंतोष और गुस्से को लेकर सीओ अरुणा भारती ने एसपी को प्रथम जांच रिपोर्ट भेजी। जिसके आधार पर दोनों के निलंबन के आदेश कर दिए गए। सीओ अरुणा भारती ने कहा कि प्रकरण को लेकर लोगों से लिए गए बयान और विस्तृत जांच रिपोर्ट भी एसपी को भेजी जाएगी। एसपी कार्यालय से दोनों के निलंबन के आदेश हो गए हैं।
मीडिया कर्मियों ने भी खोला मोर्चा
रविवार को चालक की पिटाई के मामले में कोतवाली में हुए हंगामे के दौरान कुछ मीडिया कर्मियों के साथ पुलिस की धक्का मुक्की हो गई थी। जिसके खिलाफ मीडिया कर्मियों ने भी पीड़ित परिवार के साथ धरना दिया। उन्होंने मीडिया के साथ बदसलूकी करने वालों को बर्खास्त करने की मांग का ज्ञापन डीजीपी को भेजा।
क्या कहना है पीड़ित परिवार का
बीस वर्ष तक मेरा भाई सेना में रहकर देश की रक्षा के लिए बार्डर पर रहा। यहां के पुलिस कर्मियों ने उसे ऐसे पीटा जैसा वह कोई आतंकवादी या बड़ा अपराधी हो। ऐसा तो जानवरों को भी नहीं पीटा जाता है। यदि जल्दी दोषी पुलिस कर्मियों को बर्खास्त नहीं किया जाता है तो बड़ा आंदोलन करेंगे। -ठाकुर सिंह, पीड़ित का भाई
– मेरे पापा के साथ जानवरों से भी बदतर व्यवहार किया गया। ऐसे दरिंदे पुलिस कर्मियों को सीधे जेल में डाल देना चाहिए। यदि इन पर कार्रवाई नहीं होती है तो अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। -सुनीता नेगी, पीड़ित की बेटी
पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।- सत्यव्रत बंसल, डीजीपी उत्तराखंड पुलिस
दुगड्डा चौकी में पीएसी तैनात, नगर में तनाव
दुगड्डा। वाहन चालक भगवान सिंह पिटाई प्रकरण को लेकर यहां माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। पुलिस प्रशासन ने वहां पर डेढ़ सेक्शन पीएसी तैनात कर दी है। चालक पिटाई कांड के बाद पुलिस अतिरिक्त सुरक्षा बरत रही है। चौकी में कोटद्वार थाने से एक उपनिरीक्षक, एक हेडकांस्टेबल और तीन जवान तैनात किए गए हैं। इसके अतिरिक्त वहां पर डेढ सेक्शन पीएसी तैनात की गई है। शहर में पीएसी के जवानों की गश्त से माहौैल तनावपूर्ण बन गया है। सोमवार दोपहर को सीओ अरुणा भारती भी स्थिति का जायजा लेने आई।
पुलिस प्रशासन का पुतला फूंका
वाहन चालक की पिटाई मामले में एनएसयूआई ने पुलिस प्रशासन का पुतला फूंका। सीओ कार्यालय के बाहर पुतला दहन करने के दौरान उन्होंने कहा कि इस तरह के कई मामले रहते हैं लेकिन वह दबा दिए जाते हैं। पुतला फूंकने वालों में सूरज प्रसाद कांति, विजय रावत, अमितराज, सूरज राणा, शुभम शर्मा, सचिन, मनीष आदि मौजूद थे। कांग्रेस ने बैठक कर पुलिस कार्रवाई की निंदा है।
