
हल्द्वानी। यह संदेश और सबक उन लोगों के लिए है, जो घड़ी का कांटा देख, व्यवस्था को कोस कर काम करते हैं, लेकिन ऐसे भी कुछ लोग हैं, जो वक्त नहीं फर्ज और जिम्मेदारी के हिसाब से ड्यूटी करते हैं। ऐसे ही एक शख्स हैं, ट्रैफिक हेड कांस्टेबल एमएस डोबाल। कर्तव्यनिष्ठा की कई मिसालें पेश कर चुके ‘डोबाल’ ने रविवार रात एक और मिसाल बना डाली। ड्यूटी से घर जाते वक्त कालाढूंगी रोड पर एक बारात से जाम लगा देख वे ऑटो से उतरे और जाम खुलवाने लगे।
रविवार रात किसी ने हमें सूचना मिली कि कालाढूंगी रोड पर पीलीकोठी के पास जाम लगा है, कोई वीआईपी की शादी है। एमएस डोभाल रास्ता साफ करा रहे हैं। बाद में पूछताछ की गई तो तो पता चला कि शादी वीआईपी नहीं थी। डोभाल ड्यूटी खत्म होने के बाद ऑटो से घर जा रहे थे। जाम देखा तो नीचे उतरकर जाम खुलवाने लगे। करीब दस मिनट में रास्ता साफ करवाया। फिर अपने ऑटो में बैठे और घर की ओर निकल गए। करीब एक किलोमीटर लंबे इस जाम में फंसे लोग जब रास्ता खुलने पर निकलने लगे तो सलाम किया इस सिपाही की कर्तव्यनिष्ठा और जज्बे को।
काश दूसरे भी लेते सीख
इसी विभाग में ऐसे कर्मचारी भी हैं जो सड़कों पर ड्यूटी नहीं सिर्फ टाइम पास करते हैं। खुद सड़कों पर खड़े होकर जाम लगवाते हैं। कोई टोके तो उसे ही उलटा नसीहत देते हैं। इनके लिए फर्ज और अपने अफसर तक मायने नहीं रखते। बस छह घंटे की ड्यूटी निकालना इनका मकसद होता है।
प्रतिबंध के बावजूद हो रही थी फायरिंग
इसी बारात में जाम के अलावा फायरिंग भी हुई। बारात में डांस करने वाले बारात दनादन फायर कर रहे थे। गोलियों की आवाज गूंज रही थी। लेकिन किसी को डर नहीं था। सूचना पर सीओ लोकजीत सिंह ने मुखानी चौकी इंचार्ज को जांच के लिए भेजा। वे देर रात तक फायरिंग करने वालों का पता लगाने में लगे थे।
