
थराली। पिंडर घाटी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात चिकित्सक के निलंबन पर जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मुख्य बाजार से तहसील परिसर तक जुलूस प्रदर्शन कर अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। साथ ही शासन को ज्ञापन भेजकर निलंबन वापस लेने की मांग की है। साथ ही ऐसा नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई।
बृहस्पतिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डा. प्रताप सिंह के निलंबन की खबर जैसे ही जनप्रतिनिधियों को लगी, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष सुरपाल सिंह रावत के नेतृत्व में मोहन बहुगुणा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हयात सिंह बिष्ट, भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष राकेश जोशी, क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेश्वरी पुरोहित, कांग्रेस महामंत्री देवी जोशी आदि ने तहसील परिसर में जमकर नारेबाजी की। उन्होंने बताया कि सीएचसी में तैनात एक मात्रा डाक्टर के निलंबन से पूरी व्यवस्थाएं ठप हो गई है। आपदा के समय सीएचसी में मरीजों की लाइन लगी है और यहां चिकित्सक ही नहीं है। जो था उसको भी निलंबित कर दिया गया है। जो पिंडर घाटी के तीनों ब्लाकों के साथ सौतेला व्यवहार है। वहीं सुरपाल सिंह, सांसद प्रतिनिधि प्रताप सिंह, प्रधान संघ के भूपेंद्र सिंह, कुंदन सिंह, किशन सिंह, गजपाल सिंह, रमेश देवराड़ी, बलराम बहुगुणा, प्रेम देवराड़ी आदि ने तहसील परिसर में क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने निलंबन वापस नहीं लेने की स्थिति में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
17-18 जून को डा. प्रताप सिंह किसी को कुछ बताए कही चले गए थे। ग्रामीणों की शिकायत पर इनके खिलाफ स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर शासनस्तर से इन्हें 19 जून को निलंबित किया गया है। हालांकि इन्होंने 20 जून को ड्यूटी ज्वाइन कर दी है।
-डा. अजीत गैरोला सिंह, सीएमओ
