
बरोट (मंडी)। चौहारघाटी और छोटा भंगाल क्षेत्र की ऊंची पहाड़ियों पर कांगड़ा और मंडी जिले की सीमा पर स्थित डैहणासर डल झील में बुधवार को 20 भादो पर आस्था की डुबकी लगेगी। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए डल झील पहुंचने लगे हैं।
20 भादो पर पवित्र स्नान के लिए सोमवार से ही अलग-अलग क्षेत्रों से श्रद्धालुओं की टोलियां 18 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित डैहणासर झील में पहुंचने शुरू हो गए हैं। डैहणासर में बीस भादो को पवित्र स्नान के लिए श्रद्धालुओं को बरोट-लोहारड़ी से 25 किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ता है। कठिन और जोखिम भरी पगडंडियों से गुजर कर झील तक पहुंचा जाता है। सफर का पहला पड़ाव पोलिग गांव से शुरू होता है। श्रद्धालुओं को अपने साथ खाने-पीने के सामान के साथ ईंधन के रूप में लकड़ी, स्टोव आदि पीठ पर उठा कर ले जाना पड़ता है।
इस पैदल यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दानी सज्जनों की ओर से पानी की छबीलें और भंडारों का आयोजन किया जाता है। पोलिग पंचायत के प्रधान रूपलाल, लुहाई पंचायत प्रधान शांता देवी, जिला परिषद बीड के सदस्य ऋषि राज ने सरकार एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पवित्र स्नान के लिए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दुर्गम मार्ग को ठीक करने के लिए धन राशि दी जाए। डैहणासर पहुंचने पर हजारों श्रद्धालु मंगलवार रात को झील परिसर में भोले नाथ के जयकारे लगाते हुए भजन कीर्तन कर रात व्यतीत करते हैं।
