डूडियां में बाबा बालकनाथ कथा का आयोजन

बरठीं (बिलासपुर)। विकास खंड झंडूता की ग्राम पंचायत डूडियां के बाबा बालक नाथ मंदिर में पहली बार बाबा बालक नाथ कथा का आयोजन किया गया है। सात दिवसीय इस कथा में गेहड़वीं के पंडित सुशील नड्डा ने बाबा की महिमा का वर्णन किया।
पंडित नड्डा ने बाबा का वर्णन करते हुए कहा कि गुजरात के जूनागढ़ निवासी विष्णु और लक्ष्मी के घर में कोई भी संतान नहीं थी। वह ज्योतिषी के पास गए और उन्होंने उनकी कुंडली देखकर कहा कि आपके सात जन्मों तक संतान नहीं होगी। तब उन्होंने उपाय पूछा। ज्योतिषी ने बताया कि गिरिनार पर्वत पर शिवजी की तपस्या करनी पडे़गी, तभी आपके भाग्य के द्वार खुल सकते हैं। वह दोनों गिरिनार पर्वत पर तप करने के लिए चले गए। पार्वती ने शिव से कहा कि महाराज यह कौन भक्त है, जो आपकी तपस्या कर रहा है। पार्वती के कहने पर शिवजी ने उनक ी झोली में अपने पुत्र कार्तिकेय को डाला। कार्तिकेय ने अपने पिता शिव से कहा कि मैं चला तो जाऊंगा लेकिन गृहस्थ नहीं बनूंगा। इसके बाद विष्णु व लक्ष्मी के घर में बच्चे ने जन्म लिया जो बाबा बालक नाथ के रूप में विख्यात हुआ। उन्होंने बताया कि बाबा जी ने अपनी रिधि सिद्धियों के द्वारा लोगों को प्रभावित किया और बालक से बाबा बालक नाथ बन गए। मंदिर के महंत भूपेंद्र सिंह ने बताया कि 23 मई को बाबा जी के नाम का विशाल भंडारा आयोजित किया जाएगा।

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