
धर्मशाला। अगर आप नगर परिषद धर्मशाला क्षेत्र के अंतर्गत अपनी मलकीयत जमीन में कामर्शियल निर्माण करना चाहते हैं तो अब डीसी से नहीं बल्कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के निदेशक से अनुमति लेनी होगी। प्लानिंग एरिया धर्मशाला में लैंड यूज ट्रांसफर की शक्तियां अब डायरेक्टर टीसीपी के पास रहेंगी। सरकार ने हाल ही में कैबिनेट में इस बाबत प्रस्ताव पास कर अधिसूचना जारी कर दी है। इससे पहले भू प्रयोग परिवर्तन की तमाम शक्तियां डीसी या अन्य जिम्मेवार अधिकारी के पास होती थीं।
अब प्लानिंग एरिया के अंदर आवासीय क्षेत्र में दुकान बनाने पर पहले टीसीपी के डायरेक्टर से अनुमति लेनी होगी। प्लानिंग एरिया धर्मशाला 2002 में जारी हुए अधिसूचना में भू प्रयोग परिवर्तन को लेकर शक्तियां स्पष्ट नहीं थीं। ऐसे में कांगड़ा जिला मेें डीसी ही इस शक्ति का प्रयोग करके फैसले कर रहे थे। अब चैप्टर 7 में संशोधन करके भू प्रयोग परिवर्तन की शक्तियां डायरेक्टर के पास रहेंगी। जानकारी के अनुसार आवासीय क्षेत्रों में आवास बनाने की ही अनुमति है। मगर, व्यावसायिक निर्माण के लिए जमीन के मालिक को भूमि पर दुकान आदि बनाने की सूरत में पहले अनुमति लेना जरूरी है। टीसीपी के चैप्टर सात में शक्तियां स्पष्ट कर दी गई हैं। एक्ट में संशोधन के बाद अब शक्ति टीसीपी के डायरेक्टर के पास ही रहेंगी। इसको लेकर टीसीपी विभाग ने लोगों से आपत्तियां भी मांगी हैं।
उधर, टीसीपी विभाग के योजनाकार आरसी प्रेमी ने बताया कि भू प्रयोग परिवर्तन की शक्तियां डायरेक्टर के पास रहेंगी। चैप्टर सात में इन शक्तियां को स्पष्ट कर दिया है। 2002 में शक्तियां स्पष्ट नहीं थीं। डीसी और अन्य जिम्मेवार अधिकारी ही भूमि प्रयोग के बारे में फैसला ले रहे थे। इसको लेकर लोगों से आपत्तियां भी मांगी गई है।
