डीपी ने रची थी प्रधानाचार्य को फंसाने की साजिश

मंडी। सच न कभी दबा, न ही ईमानदारी कभी जाया गई। चरस के आरोप में साजिश के तहत फंसाए प्रधानाचार्य के मामले में भी एक बार फिर यह लाइनें सच साबित हुई हैं। पुलिस टीम ने साजिश के रचे इस भंवरजाल को उधेड़ दिया है। परत दर परत खंगालने के बाद अब प्रधानाचार्य को क्लीन चिट दे दी है। साजिश रचने वाला अब पुलिस हिरासत में है। गौरतलब है कि गाड़ागुशैणी के प्रधानाचार्य कमलेश गुप्ता को कुछ दिन पूर्व पुलिस ने उनकी कार से चरस बरामद कर गिरफ्तार किया था। लेकिन प्रधानाचार्य के व्यक्तित्व को लेकर मंडी शहर के लोग और गाड़ागुशैणी के ग्रामीण यह मानने को तैयार नहीं थे कि कमलेश गुप्ता ऐसा काम कर सकते हैं। लोगों ने इस दौरान विरोध प्रदर्शन कर पुलिस से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। इसके बाद ही पुलिस ने मामले की दोबारा जांच कर इस साजिश को बेनकाब किया।
पुलिस के मुताबिक जिले के सराज क्षेत्र की रावमापा गाड़ागुशैणी के प्रधानाचार्य को चरस रखने के मामले में फंसाने के साजिश बेनकाब हो चुकी है। प्रधानाचार्य को बरी कर उन्हें फंसाने वाले स्कूल के पूर्व डीपी को हिरासत में ले लिया है। पुलिस के मुताबिक इस मामले में कुल्लू निवासी डीपी परमानंद को हिरासत में लिया है। डीपी के कहने पर पुलिस को फोन करने वाले दुकानदार डोला राम को अदालत में गवाह के रूप में पेश किया गया। पुलिस ने आईपीसी की धारा 164 के तहत डोला राम का बयान अदालत में दर्ज करवाया है। डोला राम के अनुसार डीपी परमानंद का कुछ माह पूर्व गाड़ागुशैणी से कुमारसैन के लिए तबादला हो गया था। लेकिन उसने गाड़ागुशैणी का क्वार्टर नहीं छोड़ा है। घटना की पूर्व संध्या में वह गाड़ागुशैणी आया था। रात करीब डेढ़ बजे उसने उससे कहा कि गाड़ी में कुछ रखना है। उसे इस बात का पता नहीं था कि यह गाड़ी किसकी थी। दूसरे दिन परमानंद ने डोला राम को कहा कि वह पुलिस को फोन करें कि इस नंबर की मारुति कार में चरस ले जाई जा रही है। पुलिस ने डोला राम के फोन के आधार पर प्रधानाचार्य कमलेश गुप्ता की कार से चरस बरामद कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। अब निर्दोष पाए जाने के बाद एसएचओ सदर थाना ने आईपीसी की धारा 169 के तहत प्रधानाचार्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद कर दी है। डोला राम के बयान के आधार पर डीपी परमानंद को हिरासत में लिया है।

चरस कहां से आई थी खुलेगा राज
प्रधानाचार्य कमलेश गुप्ता के खिलाफ स्कूल के पूर्व डीपी परमानंद ने षड्यंत्र रचा था। यह हिमाचल के इतिहास में पहला मामला है, जिसमें रंजिश के चलते किसी को चरस के केस में फंसाया गया हो। मामले की तह तक जाने के बाद आरोपी डीपी को हिरासत में लिया। प्रधानाचार्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद कर दिया है। पुलिस अब परमानंद से चरस के स्रोत के बारे में पता लगाएगी।
-आरएस नेगी एसपी मंडी

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