डीपीई संघ ने मांगा पंजाब की तर्ज पर ग्रेड पे

मंडी। डीपीई संघ की बैठक में विभिन्न मांगों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक में संघ ने ग्रेड पे न दिए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया है। संघ ने प्रदेश सरकार से डीपीई वर्ग को पंजाब की तर्ज पर अन्य वर्ग के कर्मचारियों की तरह ग्रेड पे देने की मांग की है।
जिलाध्यक्ष मान सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रस्ताव पारित कर सरकार से संघ ने इस मांग को पूरा करने की अपील की। संघ के महासचिव दीपक यादव ने बताया कि प्रदेश में अक्तूबर 2009 को सभी कर्मचारियों को ग्रेड पे का तोहफा मिला, लेकिन डीपीई वर्ग अभी तक ग्रेड पे से वंचित रखा गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब की तर्ज पर जहां सभी वर्गों को ग्रेड पे मिला है, उसी तरह डीपीई को भी ग्रेड पे मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां सभी वर्गों को नया ग्रेड पे मिल रहा है, वहीं डीपीई अपने पुराने ग्रेड पे 3600 पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बैठक में प्रस्ताव पारित कर विभाग से ग्रेड पे की अधिसूचना जारी करने की मांग की गई ताकि अन्य वर्गों की तरह डीपीई भी लाभ उठा सके। संघ का तर्क है कि डीपीई 2001 से शारीरिक शिक्षा का विषय पढ़ा रहे हैं। जहां प्रवक्ता दस जमा एक व दो को पढ़ाते हैं, वहीं डीपीई दस जमा एक व दो को पढ़ाने के साथ प्रेक्टिकल भी लेते हैं और खंड स्तरीय, जिला स्तरीय, राज्य स्तरीय व राष्ट्रीय स्तर पर बच्चों को खिलाड़ी के रूप में तैयार करने का कार्य करते है। प्रवक्ता व डीपीई का जब कार्य एक सम्मान है तो डीपीई को प्रवक्ता शारीरिक शिक्षा का पदनाम देना क्यों उचित नहीं है। मान सिंह ने कहा कि विभाग से यह मांग लगातार कई वर्षों से की जा रही है कि प्रवक्ता शारीरिक शिक्षा का पदनाम डीपीई को प्रदान किया जाए, मगर सरकार व विभाग ने अभी तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। बैठक में संघ के उपप्रधान कश्मीर सिंह, प्रेस सचिव संजय यादव व सदस्य दिनेश सिंह सेन, खेम राज ठाकुर, इंद्र सिंह ठाकुर, विरेंद्र भारद्वाज व सोहन सिंह ठाकुर आदि मौजूद थे।

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