
मनाली। एसडीएम मनाली विनय धीमान का कहना है आधुनिक भारत के निर्माण की नींव का मजबूत होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नन्हे बच्चे ही देश का भविष्य हैं। इसलिए, इनकी नींव पक्की करना आवश्यक है। एसडीएम रविवार को डीएवी स्कूल के वार्षिक समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कर खूब वाहवाही बटोरी।
स्कूल के नन्हे बच्चों ने कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की जानकारी दी। नवीं और दसवीं के बच्चों ने लघु नाटक के माध्यम से वायु तथा ध्वनि प्रदूषण से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि उप मंडल मनाली के सभी स्कूलों में पर्यावरण संरक्षण पर कार्यक्रम आयोजित करवाए जाएंगे। इसके साथ ही बच्चों को आपदा प्रबंधन के गुर भी सिखाए जाएंगे। उन्होंने डीएवी स्कूल प्रबंधन, बच्चों व अभिभावकों को वार्षिक समारोह की बधाई दी। इस दौरान मुख्य अतिथि ने अव्वल रहने वाले सभी बच्चों को सम्मानित किया। स्कूल प्रधानाचार्य आर गुरंग ने स्कूल के इतिहास के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं मनाली के समाज सेवी हरी सिंह ठाकुर का आभार जताया तथा कहा कि उनके प्रयासों से ही मनाली में 12 मई 1982 को प्रदेश का पहला डीएवी स्कूल खुला था। उन्होंने कहा कि स्कूल हर साल आसपास के गांव को गोद लेकर वहां के ग्रामीणों को पर्यावरण के प्रति जागरूक कर रहा है। साथ ही उस गांव की दो गरीब कन्याओं को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि ‘सेव द गर्ल’ कार्यक्रम चलाकर ग्रामीणों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। डीएवी हिमाचल प्रदेश के वाइस चेयरमैन एसपी अरोड़ा ने कहा कि डीएवी प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इस दौरान स्कूल के वाइस चेयरमैन प्रेम, डीएवी कुल्लू के प्रधानाचार्य अरुण शर्मा, डीएवी मंडी के प्रधानाचार्य मिस्टर गुरंग सहित अध्यापक और अभिावक मौजूद रहे।
