डीआईडी के फ्लोर पर दून के युवा

टीवी रियलिटी शो में डांस के मंच पर हुनर का जलवा बिखेरने को दून के युवा फिर तैयार हैं। डांस इंडिया डांस सीजन-4 के लिए शुक्रवार को दून में 1200 युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया।

एशियन स्कूल में ऑडिशन के लिए सुबह चार बजे से ही लाइन लगने लगी थी। उम्मीद से ज्यादा युवाओं के पहुंचने के बाद डीआईडी की सेलेक्टर टीम कई हिस्सों में बंट गई।

रात तक ऑडिशन
स्कूल के कुछ और कमरे खुलवाए गए। इसके बाद देर रात तक ऑडिशन चलते रहे। सेलेक्टर टीम की सदस्य पूनम ने बताया कि ऑडिशन में कामयाब रहने वाले युवा दिल्ली और फिर मुंबई में फाइनल ऑडिशन देंगे।

खास बात यह रही कि दून समेत उत्तराखंड के हरिद्वार, रुड़की, नैनीताल के अलावा दिल्ली, जोधपुर, चंडीगढ़, धामपुर से भी कई युवा ऑडिशन देने पहुंचे थे।

शुंकू, नुबगेम देंगी भाईचारे का संदेश
भूटान की रहने वाली नुबगेम और शुकू वांग्मू दून के एक इंस्टीट्यूट की छात्राएं हैं। अखबार से डीआईडी के ऑडिशन की जानकारी मिलते ही दोनों एशियन स्कूल पहुंच गई।

नुबगेम और शुंकू का कहना था कि वे ऑडिशन प्रतिस्पर्धा की भावना से देने नहीं आई हैं। उनका मकसद अपने डांस के जरिये भाईचारे का संदेश देना है। बताया कि अगर वे चुनी गई तो आगे भी भूटानी गीतों पर नृत्य करेंगी।

आईडी के चक्कर ने कटाए चक्कर
ऑडिशन देने पहुंचे कई युवाओं को आईडी और उसकी फोटो कापी लाने की जानकारी नहीं थी। रांझावाला से आई रोहिणी ने बताया कि लाइन में काफी देर बाद नंबर आया तो उनसे आईडी की फोटो कापी मांगी गई।

आसपास बाजार बंद था। ऐसे में काफी दूर जाकर फोटो कापी कराई, लेकिन जब लौटी तब तक कतार दोगुनी लंबी हो गई थी।

ऑडिशन को पहुंचे, ऑटोग्राफ दिए
दून का डी मेनियेक्स ग्रुप हाल ही में डांस के सुपरस्टार शो में टाप 6 तक पहुंचा था। ग्रुप के तीन सदस्य मनोज, चंदर और देव डीआईडी का ऑडिशन देने पहुंचे।

ऑडिशन को आए दूसरे युवाओं ने उन्हें घेर लिया और ऑटोग्राफ लेने लगे। मनोज ने बताया कि डांस के सुपरस्टार में उन्होंने अच्छा परफार्म किया, लेकिन वोटिंग की वजह से रह गए।

सोचा था, यहां आसान होगा ऑडिशन
दूसरे राज्यों से आए युवा यह सोचकर आए थे कि शायद दून में ऑडिशन के लिए ज्यादा कंपटीशन नहीं होगा। हालांकि, उनकी यह उम्मीद धरी रह गई। चंडीगढ़ से आए नवीन आर्य का कहना था कि दून का लेवल देख वह चौंक गए।

बताया कि यहां कामयाबी नहीं मिली तो फिर चंडीगढ़ में कोशिश करेंगे। कुछ यही दिल्ली से आए अभिषेक और जोधपुर के नीलाभ का कहना था।

दो दिन पहले शुरू कर दिया था सफर
ऑडिशन में आने के लिए कई युवा दो दिन पहले ही घर से निकल गए थे। लखनऊ से आए दिलशान और मनोज ने बताया कि वे बुधवार को दून के लिए निकले। धामपुर का रोमियो मयूर बृहस्पतिवार को दून आ गया था।

नैनीताल की अंकिता ने बृहस्पतिवार रात ट्रेन पकड़ी और सुबह चार बजे दून पहुंची। रुड़की से प्रतीक बृहस्पतिवार रात दो बजे दून के लिए निकला। हरिद्वार से कौशिक आटर्स से जुड़ी युवतियां कत्थक मिक्स फोक की रिहर्सल में जुटी रहीं। हरिद्वार से ऑडिशन देने वालों में अमृता, सनमजीत, सोनल यादव, प्रदीप गुरूंग शामिल थे।

लेकिन नहीं आए राघव भैया
ऑडिशन के दौरान कई बच्चे अपने अभिभावकों के साथ सिर्फ इसलिए आए थे कि डीआईडी फेम दून के राघव जुयाल उर्फ क्राकरोज से मिल सकेंगे। लेकिन उनकी यह ख्वाहिश पूरी नहीं हो सकी।

मुंबई में व्यस्तता के चलते राघव दून नहीं आ सके। इस दौरान एक छोटी बच्ची तो हाथ में कापी-पैन लिए सबसे यही पूछती रही कि राघव भैया कहां मिलेंगे। बताया कि उसे राघव का ऑटोग्राफ लेना था।

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