
लडभड़ोल (मंडी)। दस साल पहले लडभड़ोल क्षेत्र के लांगणा में सिविल डिस्पेंसरी का दर्जा बढ़ाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तो कर दिया, लेकिन यहां स्वास्थ्य सेवाओं में अभी तक कोई इजाफा नहीं हुआ है। स्टाफ और अन्य सुविधाओं के अभाव में बीमार लोगों को आज भी इलाज के लिए दूसरे क्षेत्रों में जाना पड़ रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लांगणा में प्रयोगशाला सहायक और एक्सरे सुविधा न होने से मरीजों को जोगिंद्रनगर, बैजनाथ, सरकाघाट और जिला अस्पताल मंडी जाना पड़ता है। स्थानीय निवासी यशवंत ठाकुर, अनिल राणा, पूर्व प्रधान होशियार सिंह, बीडीसी सदस्य उमेद कटवाल, दलवीर सिंह सहित अन्य ने बताया कि करीब पांच वर्ष पूर्व लांगणा में पीएचसी के नए भवन का काम शुरू हुआ था, लेकिन अभी तक भवन का काम पूरा नहीं हो पाया है। सरकार ने यहां न तो लैब तकनीशियन का पद सृजित किया है और न ही एक्सरे सुविधा उपलब्ध करवाई है। लांगणा पंचायत प्रधान मीना देवी ने बताया कि वर्तमान में इस पीएचसी में एक डाक्टर, एक फार्मासिस्ट, एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी और एक सफाई कर्मचारी कार्यरत है। जबकि भवन भी नया बन रहा है। जब तक एक्सरे और लैब की सुविधा नहीं मिलती है, लोगों को पीएचसी का पूरा लाभ नहीं मिल सकेगा। क्षेत्र के लोगों ने पीएचसी में महिला चिकित्सक की तैनाती के लिए सरकार से मांग की है। इस संबंध में बीएमओ डा. रोशन लाल ने बताया कि लांगणा पीएचसी में नया भवन बन रहा है। इसे अभी तक स्वास्थ्य विभाग को नहीं सौंपा गया है। सरकार के ध्यान में यह बात है। एक्सरे और लैब तकनीशियन तैनात करने के बारे में सरकार ही फैसला ले सकती है।
