
चंपावत। करीब तीन वर्ष के इंतजार के बाद डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एक बार फिर एक अक्तूबर से आंदोलन का ऐलान कर चुके हैं। आंदोलन की रूपरेखा प्रांतीय नेतृत्व ने तय कर दी है। यदि मांग पूरी न हुई तो फार्मेसिस्ट 10 नवंबर से बेमियादी हड़ताल पर चले जाएंगे।
बीते दिनों देहरादून में हुई डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में भाग लेकर लौटे प्रांतीय संरक्षक बीएस परवाल और जिलाध्यक्ष सुरेश जोशी ने बताया कि उपकेंद्रों में कार्यरत फार्मेसिस्टों को वरिष्ठता सूची में शामिल करने, स्थानांतरण की स्पष्ट नीति बनाने, शेड्यूल एच की दवाओं के वितरण पर स्पष्ट निर्देश जारी करने के लिए महानिदेशालय को ठीक एक माह का समय दिया जा रहा है। यदि इस अवधि में मांग पूरी नहीं होती तो एक अक्तूबर से आंदोलन शुरू हो जाएगा। एक अक्तूबर को सभी जिलों में सीएमओ कार्यालय के सामने सभा होगी और शासन को ज्ञापन भेजा जाएगा। सात से 11 अक्तूबर तक फार्मेसिस्ट बांहों में काला फीता बांधेंगे। 12 अक्तूबर को दूसरे शनिवार के दिन अवकाश का पूरा उपभोग करेंगे। 14 और 15 अक्तूबर को दो घंटे का कार्य बहिष्कार, 16 से 18 अक्तूबर तक तीन घंटे का कार्य बहिष्कार, 21 से 23 अक्तूबर तक 72 घंटे का कार्य बहिष्कार, 26 से 28 अक्तूबर तक महानिदेशालय पर सामूहिक उपवास किया जाएगा। 10 नवंबर से बेमियादी हड़ताल शुरू हो जाएगी।
