
स्वारघाट (बिलासपुर)। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाला आटा खाने लायक नहीं है। नयनादेवी विधानसभा क्षेत्र के तहत सप्लाई हुए आटा की खेप से तो ऐसा ही लग रहा है। डिपुओं में सप्लाई हुए आटा में चोकर की मात्रा 50 फीसदी से भी ज्यादा है। कथित तौर पर घटिया माने जा रहे इस आटा में दुर्गंध भी आ रही है। इस कारण लोगोें ने डिपुओं से इसकी खरीददारी बंद कर दी है। उधर, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने स्टाक को रुकवाने की बात कही है। आटा के सैंपल भरकर भी जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर एक बार फिर प्रश्न खडे़ हो गए हैं। श्री नयनादेवी जी विधानसभा क्षेत्र के तहत विभिन्न डिपुओं में पहुंचा आटा घटिया क्वालिटी का बताया जा रहा है। इस आटा से लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हो गए हैं। ग्राम पंचायत कुटैहला की रतनी देवी, बाबुराम, मदन लाल, जितेंद्र कुमार, पवन कुमार, इंदी देवी, छोटा राम, कुटैहला पंचायत के पूर्व उपप्रधान गोरखी राम व पूर्व वार्ड पंच हरनाम सिंह, ग्राम पंचायत स्वाहण के पूर्व वार्ड पंच धर्म सिंह ठाकुर, ग्राम पंचायत टाली जकातखाना से नानक चंद, ग्राम पंचायत घवांडल नैना देवी से रशपाल चंदेल, रवि कुमार, चौपाल सिंह ने बताया कि गत माह से खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा डिपुओं में आ रहे आटे में खोट पाई जा रही है। विभाग ने जो आटा सप्लाई किया है उसमें दुर्गंध है। आटा में चोकर की भी बहुलता है। लोगों ने घटिया आटा की सप्लाई पर उच्च स्तरीय जांच की भी मांग उठाई है। उधर, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के जिला नियंत्रक शिव राम ने संपर्क कने पर कहा कि आटा का स्टाक रोक दिया है। सैंपल भरकर जांच के लिए कंडाघाट भेजे जाएंगे। जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
