
रोहडू। डाक विभाग के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को रोहडू में धरना प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने दिन भर डाकघर में कामकाज भी ठप रखा। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। राष्ट्रीय डाक कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर कर्मचारी दो दिन की हड़ताल पर चले गए हैं।
ग्रामीण डाक सेवक कर्मचारी संघ के जिला उपाध्यक्ष लोकिंद्र सारटा ने बताया कि केंद्र सरकार डाक कर्मचारियों की मांगों पर गौर नहीं कर रही है। इस कारण उनको दो दिवसीय हड़ताल पर जाना पड़ा। कर्मचारियों की मांग है कि ग्रामीण डाक सेवकाें को स्थायी सेवाएं प्रदान कर शीघ्र से शीघ्र नियमित किया जाए। विभागों में चल रही ठेकेदारी प्रथा को समाप्त किया जाए। रात्रि सेवा भत्ता राशि को बढ़ाया जाए। आर्बीट्रेशन अवार्ड लागू किया जाए। केंद्रीय कर्मचारियों को पूरे सेवाकाल में कम से कम पांच पदोन्नतियां दी जाएं। नई पेंशन नीति को समाप्त कर सभी कर्मियों को एक समान पुरानी पेंशन ही दी जाए। ग्रामीण डाक सेवकों का वेतन सातवें वेतन आयोग के द्वारा ही लागू किया जाए। पचास प्रतिशत महंगाई भत्ते को मूल वेतन में शामिल किया जाए। करूणामूलक आधार पर आश्रितों को नौकरी दी जाए। एक जनवरी 2011 से सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने सहित विभिन्न मांगें उठाई गई हैं। कर्मचारियों की हड़ताल वीरवार को भी जारी रहेगी। इस मौके पर संधीरा रांटा, दिनेश कुमार, वीरेंद्र चौहान, सुखदेव शर्मा, नीटू, पदम देव ठाकुर, बलबीर सिंह नेगी, देविंद्र सिंह ठाकुर, नेहर सिंह, त्रिलोक चंद, बसंत लाल, सोहन लाल, केदार सिंह, रणजीत कुमार, भूपेंद्र, शशि बाल्टू, राकेश वर्मा, अभिमन्यु, रणजीत, भगत राम, कुबजा, रति राम व मोहन लाल सहित कई डाक कर्मचारी उपस्थित थे।
