डाक्टर शिविर में, मरीज बेहाल

शिमला। दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल (रिपन) में वीरवार को आर्थो का एक भी डाक्टर नहीं मिला। रेडियोलॉजिस्ट के तबादले की वजह से छह महीने से अल्ट्रासाउंड भी नहीं हो रहे। अस्पताल के लिए 300 बिस्तर मंजूर हैं जबकि अभी केवल 125 ही बिस्तर लगाए गए हैं। भीड़ बढ़ने पर यहां एक बिस्तर पर दो से तीन मरीज भर्ती करने पड़ते हैं। गायनी में भी डाक्टरों की कमी से लंबी कतारें लगना आम है। यहां केवल एक ही डाक्टर सैकड़ों मरीजों की जांच कर रही हैं।
अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. दिलीप कंवर ने बताया कि आर्थो के एक डाक्टर मल्टी स्पेशलिटी कैंप के लिए करसोग गए हैं और दूसरे का ओटी है। रेडियोलॉजिस्ट के लिए हर महीने विभाग को लिखित में भेजा जा रहा है। गायनी में एक डाक्टर को इंडोर में महिलाओं की जांच करनी पड़ती है, इसलिए एक ही डाक्टर सेवाएं दे पाते हैं। तीन डाक्टर आईजीएमसी प्रमोट हो गए हैं व दो पीजी कर रहे हैं। इसके अलावा एक डाक्टर का तबादला हो गया है। इसलिए अभी केवल 24 ही डाक्टर सेवाएं दे पा रहे हैं।
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रीढ़ की हड्डी में दिक्कत है। दस बजे से आर्थो वार्ड के बाहर हूं। साढ़े बारह बजे पता चला कि डाक्टर कहीं गए हैं। बस में धक्कों से काफी परेशानी होती है लेकिन जांच तो करवानी ही है। अब कल फिर आना पड़ेगा।
– गीता, न्यू शिमला

बहन के हाथ की हड्डी टूटी थी। ओपीडी के बाहर लिखे तो दो डाक्टरों के नाम हैं लेकिन दो बजे तक आया कोई नहीं है। किसी ने बताया कि डाक्टर तीन बजे के बाद आएंगे। पता होता तो आईजीएमसी चले जाते।
– पानकली, बीसीएस

तड़के ही घर से निकल गया था। लेकिन यहां पहुंचे तो डाक्टर ही नहीं मिले। घुटने में दर्द है। सोचा आईजीएमसी में नंबर आता नहीं, यहीं आ जाऊं। लेकिन यहां तो डाक्टर ही नदारद हैं। अब आईजीएमसी जाने का भी फायदा नहीं।
– साजू राम, कोटगढ़

गायनी ओपीडी में सुबह से पर्ची दी है। एक बज गया है, अभी तक नंबर नहीं आया है। अंदर एक डाक्टर है। दूसरे डाक्टर वार्डों में हैं। पता नहीं कब तक नंबर आएगा। यहां बैठने में भी काफी दिक्कत हो रही है।
– ममता, चौपाल

सुबह नौ बजे से पहुंचे हैं। सुबह पर्ची देने के बाद गायनी ओपीडी के बाहर इंतजार कर रहे हैं। डेढ़ बजे तक नंबर नहीं आया है। अभी भी यहां लंबी लाइन है। शायद लंच के बाद ही नंबर आए। अंदर एक ही डाक्टर है, इसलिए देरी हुई है।
– लीलावती, क्यारकोटी

सुबह साढ़े आठ बजे ही पहुंच गए हैं। गायनी में पर्ची दी थी। दो बज गए हैं, अभी तक नंबर नहीं आया है। लंच के बाद नंबर आया तो बहुत देर हो जाएगी। शाम को बस मिलने में भी परेशानी होगी।

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