ठेकेदार पर 26 लाख जुर्माना

नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़-स्वारघाट एनएच के धीमे काम की गाज ठेकेदार पर गिरी है। हाइवे आथोरिटी ने ठेकेदार पर 26 लाख रुपये जुर्माना ठोका है। लिक्विडिटी डैमेज (एलडी) के तहत सुस्त गति से काम करने के एवज में यह जुर्माना राशि लगाई जाती है।
नालागढ़-स्वारघाट नेशनल हाईवे 21ए के निर्माण में सुस्ती का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। 30 जून तक नालागढ़ से चिकनी नदी तक मात्र दो किलोमीटर का निर्माण किया जाना था, जो नहीं हो सका। इस संबंध में हाईवे आथोरिटी नालागढ़ के एसडीओ केएस पाल ने कहा कि निर्माण धीमी गति से चलने के कारण यह पेनेल्टी लगाई है। अब भी काम में तेजी नहीं आई तो ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
हाइवे की दुर्दशा और चिकनी पुल निर्माण में हो रही देरी को लेकर नालागढ़ के विधायक केएल ठाकुर ने 8 मई को मिनी सचिवालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया था और 30 मई को चक्का जाम करने का ऐलान किया था। हालांकि उस समय अधीक्षण अभियंता हाइवे आथोरिटी हरबंस नेगी व तहसीलदार नालागढ़ आरडी हरनोट के दिए गए आश्वासनों के बाद चक्का जाम को टाल दिया गया था, लेकिन जो आश्वासन दिए गए थे, उसके अनुरूप काम नहीं हो सका। आश्वासनों में नालागढ़ से चिकनी पुल तक की सड़क को 30 जून, 2013, नंगल से सौड़ी तक की सड़क को जून 2014, पंजैहरा से जोघों तक 30 जून, 2013, जोघों से स्वारघाट तक मार्च 2014 और चिकनी पुल का निर्माण नवंबर, 2013 तक मुकम्मल किया जाना तय था। कुल मिलाकर 31 मार्च, 2014 तक नालागढ़-स्वारघाट एनएच-21ए मार्ग व चिकनी पुल का निर्माण कार्य मुकम्मल करना शुमार था, लेकिन 30 जून तक कार्य सिरे नहीं चढ़ सके।

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